पटना: बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना इलाके से एक ऐसी खूनी मोहब्बत की कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों की रूह तक हिला दी। इश्क, फरेब और साजिश का ऐसा घिनौना खेल खेला गया, जिसमें एक सुहाग को ही रास्ते से हटाने का फरमान जारी कर दिया गया। सेंधूआरी गांव में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजी और मकेश्वर पंडित नाम के शख्स को मौत के घाट उतार दिया गया। इलाके में सनसनी फैल गई, लोग सकते में आ गए कि आखिर किसने रची यह खूनी साजिश?
दरअसल 2 अप्रैल को घटी घटना में पुलिस ने जब तहकीकात शुरू की तो कहानी में इश्क पर आकर अटक गई। चंद घंटों में ही पुलिस ने पड़ोसी मुन्ना पंडित को दबोच लिया। पुलिस ने जब सख्ती दिखाई, तो राज की परतें खुलती चली गईं। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वो किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं था। सामने आया कि मकेश्वर की बीवी के अंतरंग रिश्ते मुन्ना पंडित से थे और हैरत की बात यह कि मृतक के बहनोई महेश्वर पंडित से भी नजदीकियां थीं। अर्थात इश्क का डबल गेम चल रहा था। बताया जाता है कि जब मकेश्वर को इस गैर-मर्यादित रिश्ते की भनक लगी, तो उसने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया और फटकार लगाई। बस, यही गुस्ताखी उसके लिए जानलेवा साबित हुई।
सूत्र बताते हैं कि इस तौहीन से बौखलाए दोनों आशिकों ने मिलकर एक खतरनाक प्लान तैयार किया। फैसला हुआ कांटा हटाओ! और इसके लिए एक शूटर को हायर किया गया। पैसों के इस खूनी सौदे में इंसानियत का गला घोंट दिया गया। साजिश के मुताबिक 2 अप्रैल को शूटर ने मकेश्वर पंडित को गोलियों से भून डाला और फरार हो गया। लेकिन पुलिस की तेज नजर से ये खेल ज्यादा देर छुप नहीं पाया।
डीएसपी सुचित्रा कुमारी की अगुवाई में बनी टीम ने मानवीय और तकनीकी सुराग के दम पर इस केस का पर्दाफाश कर दिया। अब मुन्ना पंडित और महेश्वर पंडित सलाखों के पीछे हैं, जबकि शूटर की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। हालांकि इस पूरे खूनी ड्रामे में महिला की सीधी भूमिका अभी तक साबित नहीं हुई है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।