बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति कितनी चिंता जनक है इसका एक ताजा उदाहारण हाल ही में देखने को मिला है। दरभंगा अस्पताल में केवल 9 दिन के नन्हें बच्चे की मौत चूहों के कुतरने के कारण हो गई है। मृतक बच्चे के परिजन ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बच्चे के परिवारवालों का कहना है कि एनआईसीयू में उनका बच्चा भर्ती था जहां चूहों के कुतरने के कारण वह जख्मी हो गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। दरभंगा के डीएमसीएच के शिशु विभाग का ये गंभीर मामला है। यहां सोमवार की रात मधुबनी के नज़रा गांव की रहने वाली वीणा देवी ने 9 दिन के बच्चे को इलाज के लिए शिशु विभाग में भर्ती कराया था, लेकिन सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच जब वह अपने बच्चे को देखने अंदर पहुंची तो उनके होश उड़ गए।
उसने देखा कि बच्चे के बदन को चूहे कुतर रहे थे। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया तो अस्पताल के कर्मी दौड़कर कर पहुंचा और चूहे को भगाया। हांलाकि चह तक उस बच्चे की मौत हो गई थी। फिलहाल अस्पताल में अजीब से खौफ का माहौल है। मरीजों के अंदर डर है कि कहीं चूहें उनकी भी जान ना ले लें। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर ओम प्रकाश पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ही है।
वहीं, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बच्चे की हालत काफी गंभीर थी और उसका बचना मुश्किल था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों के आरोप से इंकार नहीं किया जा सकता. वे खुद भी मानते हैं कि सिर्फ शिशु विभाग ही नहीं, बल्कि पूरा अस्पताल ही चूहों के आतंक से परेशान है।अब पीड़ित परिजन न्याय के लिए दरभंगा के उप विकास आयुक्त को लिखित शिकायत कर इलाज़ में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।