गोविंद पानसरे हत्याकांडः आरोपी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता समीर गायकवाड़ का सांगली में दिल का दौरा पड़ने से निधन
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 20, 2026 15:41 IST2026-01-20T15:40:06+5:302026-01-20T15:41:00+5:30
Govind Pansare murder case: पानसरे और पत्नी 2015 में कोल्हापुर के सम्राट नगर इलाके में सुबह की सैर से घर लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने उन पर गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गए।

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मुंबईः तर्कशास्त्री व लेखक गोविंद पानसरे की 2015 में हुई हत्या में ‘सह-साजिशकर्ता’ होने के आरोपी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता समीर गायकवाड़ का मंगलवार तड़के महाराष्ट्र के सांगली जिले में निधन हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सनातन संस्था के कथित सदस्य गायकवाड़ (43) को 2015 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 2017 में जमानत मिल गई थी तथा वे सांगली स्थित अपने आवास पर रह रहे थे। पुलिस के एक अधिकारी ने अधिक जानकारी दिए बिना बताया कि उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मंगलवार तड़के उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया गायकवाड़ की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, लेकिन मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं है। पानसरे को 16 फरवरी 2015 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गोली मारी गई थी और कुछ दिन बाद 20 फरवरी को उनकी मौत हो गई।
पानसरे की हत्या की जांच के लिए बाद में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सितंबर 2015 में इस मामले में गायकवाड़ को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने आरोपपत्र में गायकवाड़ का उल्लेख ‘सह-साजिशकर्ता’ के रूप में किया था और आरोप लगाया था कि उसने सनातन संस्था के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पानसरे की हत्या की थी।
इस सिलसिले में एसआईटी ने नवी मुंबई के पनवेल स्थित सनातन संस्था के आश्रम में भी छापेमारी की थी। पानसरे और उनकी पत्नी 2015 में कोल्हापुर के सम्राट नगर इलाके में सुबह की सैर से घर लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने उन पर गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गए।
शुरुआत में कोल्हापुर के राजारामपुरी थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। बाद में इस जांच को महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) की देखरेख में गठित एसआईटी को सौंप दिया गया। पहचाने गए 12 आरोपियों में से नौ को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है और चार पूरक आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।