गोपालगंजः बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राजद नेता तेजस्वी यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले गंगदयाल यादव के साम्राज्य को पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। गंगदयाल यादव खौफ का दूसरा नाम बन चुके कुख्यात भू-माफिया के खिलाफ गोपालगंज पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में न सिर्फ गंगदयाल, बल्कि उसके बेटे समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। नगर थाना क्षेत्र के बंजारी मोड़ के पास पुलिस ने छापेमारी करते हुए कुख्यात आरोपी गंग दयाल यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
गंग दयाल यादव पर पहले भी जमीन विवाद से जुड़े कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान तीन अन्य संदिग्ध आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। सभी से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि जमीन माफियाओं के नेटवर्क और उनके अन्य साथियों की जानकारी जुटाई जा सके।
यह गिरफ्तारी सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं है। विगत दिनों जिले में एक लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस जघन्य हत्याकांड में भी गंगदयाल यादव और उसका बेटा मुख्य रूप से नामजद थे। पुलिस काफी समय से इन 'सफेदपोश' अपराधियों की तलाश में थी, और अब जाकर कामयाबी हाथ लगी है।
सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से जमीन कब्जाने और विवाद खड़ा करने के मामलों में सक्रिय था। इस मामले में एक बड़ा राजनीतिक एंगल भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी गंग दयाल यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के काफी करीबी माने जाते हैं।
इतना ही नहीं, रिश्तेदारी के लिहाज से भी उनका संबंध परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वह बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के रिश्ते में चचेरे मामा भी लगते हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में पुलिस की इस पहल को लेकर राहत की भावना देखी जा रही है।
गंगदयाल यादव की दबंगई का आलम यह था कि उसने सरकारी काम में बाधा डालने के साथ-साथ सरकारी सड़क तक को काट डाला। जमीन हड़पने की हवस में उसने कानून और प्रशासन की परवाह करना छोड़ दिया था। लेकिन इस बार पुलिस कप्तान के निर्देश पर हुई छापेमारी ने उसके रसूख को मिट्टी में मिला दिया।