विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना और कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार पर लागू होगी धारा 69

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 23, 2026 19:46 IST2026-02-23T19:40:00+5:302026-02-23T19:46:34+5:30

शादी का झूठा वादा करना, नौकरी या पदोन्नति का झूठा आश्वासन देना, या अपनी पहचान छिपाना शामिल हैं।

Delhi High Court observed refusal marry ground kundali mismatch establishing physical relations assurance marriage Section 69 BNS sexual deceitful | विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना और कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार पर लागू होगी धारा 69

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Highlights धारा 376 (बलात्कार) और बीएनएस की धारा 69 के तहत वर्तमान एफआईआर दर्ज की गई।वर्तमान मामला इस स्तर पर एक अलग स्थिति में है।अवगत होने के बावजूद आरोपी द्वारा बार-बार किए गए वादे भी शामिल हैं।

नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के बाद कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। बीएनएस की धारा 69 कपटपूर्ण तरीकों से यौन संबंध बनाने को अपराध की श्रेणी में रखती है। इन तरीकों में, शादी का झूठा वादा करना, नौकरी या पदोन्नति का झूठा आश्वासन देना, या अपनी पहचान छिपाना शामिल हैं। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी एक ऐसे व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज करते हुए की।

जिस पर एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने और बाद में जन्म कुंडली मिलान न होने का हवाला देते हुए उससे विवाह से इनकार करने का आरोप है। अदालत ने गौर किया कि आरोपी द्वारा बार-बार यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि विवाह में कोई बाधा नहीं है, यहां तक ​​कि कुंडली मिलान से संबंधित मुद्दों के आधार पर भी, शारीरिक संबंध लंबे समय तक जारी रहे।

न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि इस स्तर पर, यह आचरण बीएनएस की धारा 69 के अंतर्गत अपराध के अंतर्गत आता है। जमानत याचिका का विरोध आरोपी, जो 4 जनवरी से न्यायिक हिरासत में है, ने जमानत याचिका दायर करते हुए तर्क दिया कि संबंध आपसी सहमति से था और दोनों पक्ष आठ वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे।

आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि विवाह के झूठे बहाने से बलात्कार का आरोप सिद्ध नहीं होता है और नियमित जमानत की मांग की। 17 फरवरी के अपने आदेश में, अदालत ने दर्ज किया कि पीड़िता ने पहली बार नवंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी और उसके परिवार द्वारा शादी के कथित आश्वासन के बाद उसने शिकायत वापस ले ली थी।

कुंडली मिलान न होने का हवाला देते हुए शादी से इनकार करने के कारण जनवरी 2026 में आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 376 (बलात्कार) और बीएनएस की धारा 69 के तहत वर्तमान एफआईआर दर्ज की गई। अदालत की टिप्पणियां उच्च न्यायालय ने कहा कि घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि मामला केवल एक असफल रिश्ते का नहीं है,

बल्कि इसमें कुंडली मिलान को लेकर परिवार के आग्रह से अवगत होने के बावजूद आरोपी द्वारा बार-बार किए गए वादे भी शामिल हैं। अदालत ने कहा, “यह निर्विवाद है कि किसी रिश्ते के टूटने या शादी न होने के कारण आपराधिक कानून लागू नहीं किया जा सकता। हालांकि, वर्तमान मामला इस स्तर पर एक अलग स्थिति में है।”

Web Title: Delhi High Court observed refusal marry ground kundali mismatch establishing physical relations assurance marriage Section 69 BNS sexual deceitful

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