लंदन, 21 अगस्तः अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ कहा जाने वाला जबीर मोती के जमानत मामले को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही उसके वकील के अनुरोध को खारिज कर दिया है। जबीर मोती के वकील ने कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हो। इस मामले पर कोर्ट ने कहा ' ब्रिटिश कोर्ट में खुले में न्याय होता है।इसलिए यह फैसला लेना बहुत मुश्किल होगा।
बता दें कि जबीर मोती को पिछले हफ्ते लंदन पुलिस ने हिल्टन होटल से हिरासत में लिया था, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था। बताया जा रहा था कि चारिंग क्रॉस पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने हिरासत मे लिया है।
पाकिस्तानी नागरिक जबीर, दाऊद का फाइनेंस देखा करता है। साथ ही साथ पाकिस्तान, मिडल ईस्ट, यूके और यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में दाऊद इब्राहिम के काम को देखता है। वहीं, भारत भी मोती को गिरफ्तार करने की अपील कर चुका है। उसके ऊपर ड्रग्स तस्करी, फिरौती और अन्य अपराधों में लिप्त रहने के आरोप भी हैं।
खबरों के अनुसार, मोती दाऊद का बहुत बड़ा विश्वासी गुर्गा है। वह दाऊद की डी कंपनी के पैसों का भी हिसाब किताब रखता है। साथ ही साथ वह दाऊद की बीवी महजबीं का विश्वासी है।इससे पहले दाऊद के करीबी मुन्ना झिंगाडा मामले में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत मिली थी, जिसमें थाईलैंड कोर्ट ने मुंबई क्राइम ब्रांच के पक्ष में फैसला सुनाया था। मुन्ना झिंगाडा की गिरफ्तारी को लेकर थाइलैंड कोर्ट में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे, जिसमें भारत की जीत हुई थी।
मुन्ना झिंगाडा एक अव्वल दर्जे का शूटर है और वो कई सालों से थाइलैंड के जेल में बंद था। उस पर दाउद इब्राहिम के दुश्मन छोटा राजन के ऊपर गोली चलाने का आरोप था। मुन्ना झिंगाडा ने साल 2000 में थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में छोटा राजन के ऊपर गोली चलाई थी। वहीं छोटा राजन को साल 2015 में भारत को सौंप दिया गया था। इस वक्त छोटा राजन पर 70 से अधिक मामलों में ट्रायल चल रही है।
आपको बता दें, अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में भारत में वांटेट है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उसे 2013 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इसके साथ ही ड्रग तस्करी, अवैध वसूली, हत्या, धमकी जैसी के आरोप हैं।