बिहार में कौन सा नियम कानून?, NDA राज मतलब गुंडों का राज!, खुलेआम फायरिंग करते हम प्रवक्ता और जीतन राम मांझी के मीडिया सलाहकार दानिश रिजवान, वीडियो
By एस पी सिन्हा | Updated: March 27, 2026 15:57 IST2026-03-27T15:56:30+5:302026-03-27T15:57:26+5:30
राजद के द्वारा यह वीडियो साझा किए जाने पर दानिश रिजवान ने तेजस्वी यादव के खिलाफ पुलिस को शिकायती आवेदन दिया है।

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पटनाः हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रवक्ता एवं केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के मीडिया सलाहकार दानिश रिजवान एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गए है। दरअसल, राजद ने दानिश रिजवान पर खुलेआम फायरिंग करने का आरोप लगाया है। राजद के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अकाउंट से एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें दानिश रिजवान को फायरिंग करते हुए दिखाया गया है। राजद के द्वारा यह वीडियो साझा किए जाने पर दानिश रिजवान ने तेजस्वी यादव के खिलाफ पुलिस को शिकायती आवेदन दिया है।
बिहार में है कौन सा नियम कानून?
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) March 26, 2026
यह NDA का राज है मतलब गुंडों का राज है!
खुलेआम फायरिंग करते हम के प्रवक्ता और केंद्रीय मंत्री @jitanrmanjhi के सलाहकार दानिश रिजवान!@bihar_police और @NitishKumar मुँह में दही जमाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें! pic.twitter.com/PNjWaC6P6J
दानिश रिजवान का आरोप है कि तेजस्वी और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनका पुराना वीडियो एआई से एडिट करके पोस्ट किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। दानिश ने पुलिस को शिकायत ई-मेल के जरिए भेजी है। बता दें कि गुरुवार को राजद के एक्स हेंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया। जिसमें दानिश रिजवान हवाई फायरिंग करते नजर आए।
इस पर राजद ने तीखा हमला बोला और लिखा कि एनडीए के राज में कानून की परवाह नहीं की जा रही है। एक्स हेंडल पर लिखा गया कि “बिहार में है कौन सा नियम कानून? यह एनडीए का राज है मतलब गुंडों का राज है! खुलेआम फायरिंग करते हम के प्रवक्ता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के सलाहकार दानिश रिजवान!
बिहार पुलिस और नीतीश कुमार मुंह दही जमाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें!” हालांकि, इन आरोपों को खारिज करते हुए दानिश रिजवान ने कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूरी है।
रिजवान ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में पहले ही आरा नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। उनके भाई मोहम्मद जमाल अशरफ ने 17 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने एआई के जरिए फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किया और इसके जरिए रंगदारी की मांग की।
शिकायत के अनुसार, मोहम्मद फैज आजम उर्फ सिकंदर नामक व्यक्ति ने फोन कर ईद के खर्च के बहाने 20 लाख रुपये की मांग की। यह भी कहा गया कि पहले जमीन से जुड़े एक विवाद में 10 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। रकम नहीं देने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने की बात भी सामने आई।
लेकिन रिजवान ने तंज कसते हुए कहा कि शायद तेजस्वी यादव का सोशल मीडिया हैंडल कोई और चला रहा है जो उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने तेजस्वी को सलाह दी कि वे किसी भी पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर कर लें।
यहां उल्लेखनीय है कि दानिश रिजवान एक महिला की हत्या के प्रयास में रांची जेल भी जा चुके हैं। इसके पहले भी वह विवादों के घेरे में रहे हैं। अब मामला चाहे जो हो लेकिन सुशासन सरकार पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं।