किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, पटना और सिलीगुड़ी में दबिश?, एसडीपीओ गौतम कुमार और डीआरडीए डायरेक्टर वैभव कुमार के ठिकानों पर छापेमारी, महिला मित्र शगूफ्ता खातून के नाम पर जमीन
By एस पी सिन्हा | Updated: March 31, 2026 17:43 IST2026-03-31T17:42:08+5:302026-03-31T17:43:18+5:30
सहरसा, मुजफ्फरपुर समेत 6 जगहों पर चल रही कार्रवाई में उनके खिलाफ 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है।

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पटनाः बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामलों में दो लोक सेवकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को सुबह सुबह ईओयू की टीम ने किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार और डीआरडीए के डायरेक्टर वैभव कुमार के सहरसा और मुजफ्फरपुर समेत 12 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक चल रही इस कार्रवाई ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। ईओयू की टीम ने किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, पटना और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी समेत कई जगहों पर एक साथ दबिश दी।
बताया जाता है कि सुबह करीब साढ़े 8 बजे टीम गौतम कुमार के घर और ऑफिस पहुंची, जबकि दोपहर 12 बजे से उनके कार्यालय में गहन जांच शुरू हुई। करीब 12 अधिकारियों की टीम तीन गाड़ियों में पहुंची और दस्तावेज, कागजात व अन्य संपत्तियों की जांच में जुट गई। एसडीपीओ गौतम कुमार पर 1 करोड़ 94 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
जो उनकी वैध आय से करीब 60.27 फीसदी ज्यादा बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अपनी महिला मित्र शगूफ्ता खातून के नाम पर कई जमीनें खरीदी थीं। हालांकि बाद में ये संपत्तियां उनके बेटों के नाम गिफ्ट कर दी गईं। छापेमारी के दौरान पूर्णिया स्थित ससुराल से भारी मात्रा में जेवरात मिलने की बात सामने आई है।
इतना ही नहीं, कैश की जांच के लिए मशीन भी मंगाई गई है। टीम को कई जमीन के कागजात, बैंक खातों की डिटेल, निवेश से जुड़े दस्तावेज और महंगी गाड़ियों से संबंधित जानकारी भी मिली है। गौतम कुमार पर अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया, तस्करी और लूट से जुड़े नेटवर्क से काली कमाई करने के आरोप भी लगे हैं।
हालांकि इन मामलों में उन्होंने पहले कई गिरोहों का भंडाफोड़ भी किया था, जिससे जांच और दिलचस्प हो गई है। गौतम कुमार ने 1994 बैच के दारोगा के रूप में सेवा शुरू की थी। 1996 में उनकी पहली पोस्टिंग किशनगंज में ही हुई थी। पदोन्नति के बाद वे डीएसपी बने और लंबे समय तक किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे सीमांचल जिलों में ही तैनात रहे।
इधर, ईओयू ने सहरसा के डीआरडीए डायरेक्टर वैभव कुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की। सहरसा, मुजफ्फरपुर समेत 6 जगहों पर चल रही कार्रवाई में उनके खिलाफ 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह उनकी आय से करीब 78.03 फीसदी अधिक है।
दरअसल, आर्थिक अपराध इकाई को इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की गुप्त सूचना मिली थी। प्राप्त सूचना के सत्यापन के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केस दर्ज किया और निगरानी की स्पेशल कोर्ट से तलाशी का आदेश लिया।
यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई ने बताया है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।