वाह रे सीबीआई, न्याय नहीं मिला, दोषियों को फांसी दो?, पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की जांच को लेकर प्रदर्शन?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 10, 2026 18:23 IST2026-04-10T18:22:03+5:302026-04-10T18:23:00+5:30
मृतका की मां ने भी जांच एजेंसी पर अविश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

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पटनाः बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ दुष्कर्म और मौत मामले को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने सीबीआई कार्यालय का घेराव किया। पीड़िता की मां के साथ पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें वहीं रोक दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बाद में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सीबीआई कार्यालय पहुंचा, जहां उनकी अधिकारियों से बातचीत कराई गई।
प्रदर्शन में शामिल लोग सीबीआई जांच की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही पर नाराज थे। वे हाथों में तख्तियां लेकर जल्द चार्जशीट दाखिल करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान मृतका की मां ने भी जांच एजेंसी पर अविश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, वहीं जहानाबाद समेत अन्य इलाकों से लोग बसों में भरकर पटना पहुंचे। मौके पर मौजूद सांसद पप्पू यादव ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज और सिस्टम दोनों इस मामले में जिम्मेदार हैं। उन्होंने जांच की सुस्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि वाह रे सीबीआई! पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उनसे यह पूछा जा रहा है कि आंदोलन के लिए किसने कितना सहयोग दिया। पप्पू यादव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जहां अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों पर ही दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह कलयुग की विडंबना है कि न्याय की उम्मीद करने वालों को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया जाता है। यह बात आज जहानाबाद में जानकारी के दौरान सामने आई, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। बता दें कि यह मामला 11 जनवरी 2026 का है, जब पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक नीट की तैयारी कर रही छात्रा मृत पाई गई थी।
जांच में रेप की पुष्टि हुई थी, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अपराध किसने किया और हत्या के पीछे कौन था? करीब चार महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस, एसआईटी और सीबीआई किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं। पटना पुलिस की जांच पर सवाल उठने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया था, लेकिन वहां भी प्रगति धीमी रही।
कोर्ट की फटकार के बाद अब इस केस की जांच सीबीआई की दिल्ली टीम को दी गई है। वहीं, इस मामले में हॉस्टल भवन के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उसकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। लेकिन जांच में देरी और स्पष्ट जवाबों की कमी ने लोगों में आक्रोश बढ़ा दिया है, जो अब सड़कों पर खुलकर दिखाई दे रहा है।