बिहार: पटना में जेपी गंगापथ पर पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़, सुबोध सिंह गैंग के सक्रिय गुर्गे अमित कुमार उर्फ नीतीश को लगी गोली
By एस पी सिन्हा | Updated: March 1, 2026 15:36 IST2026-03-01T15:36:37+5:302026-03-01T15:36:55+5:30
घायल अपराधी को तुरंत इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि अमित कुमार वैशाली जिले का रहने वाला है और लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

बिहार: पटना में जेपी गंगापथ पर पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़, सुबोध सिंह गैंग के सक्रिय गुर्गे अमित कुमार उर्फ नीतीश को लगी गोली
पटना: बिहार की राजधानी पटना में पीरबहोर थाना क्षेत्र के पीएमसीएच के पास जेपी गंगापथ पर रविवार सुबह पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने सुबोध सिंह गैंग के सक्रिय गुर्गे अमित कुमार उर्फ नीतीश को घेर लिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल अपराधी को तुरंत इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि अमित कुमार वैशाली जिले का रहने वाला है और लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पटना में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में आया था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की, जिसके बाद उसने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ की स्थिति बन गई। पुलिस की सतर्कता से उसकी योजना नाकाम हो गई। बताया जा रहा है कि अमित उर्फ नीतीश हाल ही में पटना सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान पीयूष नामक व्यक्ति के साथ मिलकर रौशन उर्फ तात्या पर हमला करने की नीयत से पहुंचा था।
हालांकि उस समय भी पुलिस की सक्रियता के कारण वारदात टल गई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरी साजिश पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह के इशारे पर रची गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमित के पास से संदिग्ध सामान और मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उससे पूछताछ के बाद गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पटना में अपराधियों और पुलिस के बीच कई मुठभेड़ हो चुकी हैं। पिछले वर्ष भी कंकड़बाग और बाइपास इलाके में पुलिस ने कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिससे शहर में बड़ी आपराधिक घटनाएं टली थीं। हालिया एनकाउंटर को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है, जहां पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी वारदात को समय रहते विफल कर दिया गया।