25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा और 25 करोड़ रुपये?, गया जी हवाई अड्डे पर 4 अरेस्ट
By एस पी सिन्हा | Updated: March 19, 2026 15:20 IST2026-03-19T15:19:45+5:302026-03-19T15:20:33+5:30
अधिकारियों ने बताया कि यह गांजा अत्याधुनिक हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया गया था, जिसकी गुणवत्ता और कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक है।

सांकेतिक फोटो
गयाजीः कस्टम विभाग ने बिहार के गया जी हवाई अड्डे पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए थाईलैंड से आए चार यात्रियों के पास से 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस हाइड्रोपोनिक गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस गंभीर मामले में चारों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।बताया जाता है कि थाईलैंड के डॉन मुआंग एयरपोर्ट से थाई एयर एशिया की फ्लाइट गया जी हवाई अड्डे पर उतरी। कस्टम अधिकारियों ने यात्रियों की गतिविधियों को संदिग्ध पाया और उन्हें हिरासत में लेकर उनके सामान की गहन जांच की। तलाशी के दौरान पांच अलग-अलग बैगों में छिपाकर रखा गया हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि यह गांजा अत्याधुनिक हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया गया था, जिसकी गुणवत्ता और कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक है। इस पूरे मामले में कस्टम और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और जांच कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन-सा अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह न केवल स्थानीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नियंत्रित मादक पदार्थ तस्करी का हिस्सा हो सकता है। गया हवाई अड्डे पर इस साल यह तीसरी बड़ी मादक पदार्थ तस्करी की घटना है। जनवरी में भी चार यात्रियों को हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ पकड़ा गया था, जबकि 14 मार्च को करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा एक लावारिस बैग से बरामद हुआ था।
इन घटनाओं ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि हवाई अड्डे पर सुरक्षा तीन स्तरों पर संचालित होती है, जिसमें कस्टम विभाग, सीआईएसएफ और एयरपोर्ट अथॉरिटी। इसके बावजूद तस्करों की चालाकी और नए तरीकों के कारण बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि हर कार्रवाई के बाद सुरक्षा सख्ती को और बढ़ाया जाएगा और पूरे तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। कस्टम विभाग का कहना है कि इस बरामदगी से अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी की गंभीरता उजागर होती है और यह देश में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में और भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।