पटना: बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। डगरूआ थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता को पूर्णिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीजीएमसीएच) में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। दरअसल, पीड़िता नेवलाल चौक से पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान चार पहिया वाहन पर सवार छह युवकों ने रास्ते में उसे रोका।
आरोप है कि युवती के विरोध करने पर आरोपियों ने उसका मुंह दबा दिया और जबरन उसे वाहन में बैठा लिया, ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद आरोपी उसे डगरूआ थाना क्षेत्र के बरियार चौक स्थित जया ट्रेडर्स के पास एक सुनसान कमरे में ले गए। युवती के फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही युवती के साथ कमरे में मौके पर मिले डगरुआ के उपमुखिया के पति जुनैद आलम को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शनिवार की शाम पूर्णिया शहर के एक चौराहे के समीप वह अपने घर जा रही थी।
इसी बीच एक कार उसके समीप आकर रुकी और कार से निकले कुछ लोगों ने उसे जबरन पकड़कर वाहन में बैठा लिया। उसे मारा-पीटा और डगरुआ बैरियर के समीप बने एक कमरे में ले गए। यहां पहले जबरन उससे डांस करवाया। फिर बारी-बारी से छह लोगों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद इनमें से पांच आरोपी कमरे से बाहर चले गए और कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जबकि एक व्यक्ति कमरे में ही रह गया।
इसी बीच मौका पाकर युवती ने किसी तरह उसके साथ मौजूद आरोपी के मोबाइल से ही डायल 112 पर फोन किया। पुलिस के मुताबिक, उक्त कमरे में युवती को बंधक बनाकर रखा गया। आरोपियों ने उसे जबरन शराब पिलाई और फिर बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पांच आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनेद वहीं मौजूद रहा।
इसी दौरान जब आरोपी गहरी नींद में सो गया, तब पीड़िता ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उसने आरोपी का मोबाइल फोन उठाया और डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर पीड़िता को मुक्त कराया और मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनेद को गिरफ्तार कर लिया। डगरूआ थाना पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार पांचों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस का दावा है कि मामले की जांच निष्पक्ष और तेज गति से की जा रही है। पीड़िता को हर संभव कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।