बेगूसरायःबिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद कानून की धज्जियां उड़ाते हुए धडल्ले से शराब की आपूर्ति सुशासन के दावों की पोल खोल दे रही है। इसी कड़ी में बेगूसराय जिले के सिसवा गांव में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल शिक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिसिया इकबाल पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। शिक्षा का मंदिर ही मयखाना बन गया है। पुलिस ने स्कूल से भारी मात्रा में शराब बरामद की है। दरअसल, पूरा मामला बछवारा थाना क्षेत्र के सिसवा गांव स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में स्कूल के शौचालय को ही शराब का गोदाम बना दिया गया था।
हैरानी की बात यह है कि एक 11 साल के मासूम छात्र ने शौचालय में रखी शराब को पेय पदार्थ समझकर पी लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, छात्र स्कूल के पीछे स्थित बंद पड़े शौचालय के पास पहुंचा, जहां शराब की पेटियां रखी हुई थीं। खेल-खेल में उसने वहां से बोतल उठाकर पी ली।
कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई और वह नशे की हालत में घर पहुंचा। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जब बच्चे की तबीयत में सुधार हुआ तो पूछताछ में उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग स्कूल पहुंचे और जब शौचालय का दरवाजा खोला गया तो अंदर भारी मात्रा में शराब की पेटियां बरामद हुईं।
यह दृश्य देख सभी लोग हैरान रह गए। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए करीब 25 पेटियां शराब जब्त कर ली। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर स्कूल के समय तस्कर इतनी बड़ी खेप अंदर कैसे ले आए?
क्या इसमें किसी स्थानीय मिलीभगत की संभावना है? फिलहाल पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। मासूम छात्र का प्राथमिक उपचार कराया गया है और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुर्शाली इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं होने की बात बताई है।