भगवान को शुक्रिया, गले में लिपटे मोटे दुपट्टे के कारण तेंदुए के दांत गर्दन तक नहीं पहुंच पाए?, मांकर्णा शिवराम नेटके की जान बची

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 22, 2026 14:51 IST2026-01-22T14:50:07+5:302026-01-22T14:51:23+5:30

Beed: वन रेंज अधिकारी अमोल घोडके ने कहा, ‘‘हम तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर 'कैमरा ट्रैप' लगाएंगे। यदि खतरा बना रहता है तो हम वरिष्ठ अधिकारियों से पिंजरा लगाने की अनुमति मांगेंगे।"

Beed Leopard's teeth not reach neck due thick scarf wrapped around neck 45 years old Mankarna Shivram Netke's life was saved | भगवान को शुक्रिया, गले में लिपटे मोटे दुपट्टे के कारण तेंदुए के दांत गर्दन तक नहीं पहुंच पाए?, मांकर्णा शिवराम नेटके की जान बची

सांकेतिक फोटो

Highlightsगर्दन को अपने दांतों से दबोचने की कोशिश करने लगा।आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत मदद के लिए दौड़े।बीड के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

Beed:महाराष्ट्र के बीड जिले में 45 वर्षीय एक महिला पर तेंदुए ने हमला किया लेकिन उसके गले में लिपटे मोटे दुपट्टे के कारण तेंदुए के दांत उसकी गर्दन तक नहीं पहुंच पाए और महिला की जान बच गई। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना बुधवार दोपहर को शिरूर कासार तहसील के एक खेत में हुई। उन्होंने बताया कि शिरूर कासार तहसील के कोलवाडी की निवासी मांकर्णा शिवराम नेटके अपने खेत में काम करने के लिए रूपूर शिवर गई थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने सुबह पास के पहाड़ी इलाके से तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनी थी लेकिन खेतों में काम कर रहे लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जब नेटके अपने काम में व्यस्त थीं तभी एक तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उनकी गर्दन को अपने दांतों से दबोचने की कोशिश करने लगा।

स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया, "सौभाग्यवश, महिला ने अपने गले में एक मोटा दुपट्टा लपेटा हुआ था। हमलावर तेंदुए का जबड़ा उस दुपटटे में उलझ गया और उसके दांत महिला के गले तक नहीं पहुंच सके।" महिला की चीखें सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत मदद के लिए दौड़े।

लोगों को अपनी ओर आता देख तेंदुआ भाग गया। इस हमले में नेटके के शरीर पर तेंदुए के पंजों से घाव हो गए। उन्हें तुरंत स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें बीड के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।

वन रेंज अधिकारी अमोल घोडके ने कहा, ‘‘हम तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर 'कैमरा ट्रैप' लगाएंगे। यदि खतरा बना रहता है तो हम वरिष्ठ अधिकारियों से पिंजरा लगाने की अनुमति मांगेंगे।" वन विभाग ने नेटके के परिवार को सरकारी नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया है।

Web Title: Beed Leopard's teeth not reach neck due thick scarf wrapped around neck 45 years old Mankarna Shivram Netke's life was saved

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