Bahraich Wolf Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच में आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर भेड़ियों को जरूरत पड़ने पर गोली मारने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्रों में नौ शूटरों की टीम तैनात की गयी है। बहराइच के प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बुधवार को बताया कि उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद नौ शूटरों की टीम क्षेत्र में तैनात कर दी गयी है। इनमें से छह शूटर वन विभाग के तथा तीन पुलिस विभाग के हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग ने पूरे अभियान क्षेत्र को तीन बड़े हिस्सों में बांटा है।
तीनों हिस्सों के लिये एक—एक 'विशेष दल' बनाये जाने के अलावा एक टीम रिजर्व में रखी गयी है। हर दल में तीन शूटर रखे गये हैं। सिंह ने बताया, ''हमारे लिए समय प्रबंधन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। मुख्य काम आदमखोर भेड़िये की पहचान करके उससे आम जनता को जल्द निजात दिलाना है। हमारी कोशिश है कि जैसे ही आदमखोर दिखायी पड़े, वैसे ही उसे पकड़ा जाए और किसी चिड़ियाघर में स्थानांतरित किया जाए या फिर जरूरत पड़ने पर उसे गोली मार दी जाए। उसे जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ''भेड़िये को पकड़कर बंद करना है या गोली मारनी है, इस बारे में परिस्थितियों के मुताबिक फैसला लिया जाएगा। भेड़िये को मौके पर बेहोश करके पकड़ना हमारी प्राथमिकता होगी लेकिन अगर आवश्यकता पड़ी तो उसे गोली मारने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।'' बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में मार्च माह से बच्चों व इंसानों पर भेड़ियों के हमले हो रहे हैं।
बरसात के मौसम में हमले बढ़े और जुलाई माह से सोमवार रात तक इन हमलों से सात बच्चों सहित कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों सहित 50 लोग घायल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जरूरत पड़ने पर आदमखोर भेड़ियों को गोली मारने के निर्देश दिये हैं।