500000 रुपया घूस, कार में ले रहे थे रकम?, बिहार निगरानी टीम ने युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक परमजय सिंह को धर दबोचा

By एस पी सिन्हा | Updated: February 6, 2026 17:00 IST2026-02-06T16:59:31+5:302026-02-06T17:00:36+5:30

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, सहायक निदेशक परमजय सिंह ने एक विशेष कार्य के एवज में कुल 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

500,000 rupees bribe taking money car Bihar Vigilance Team nabs Paramjay Singh Assistant Director Youth Employment and Skill Development Department | 500000 रुपया घूस, कार में ले रहे थे रकम?, बिहार निगरानी टीम ने युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक परमजय सिंह को धर दबोचा

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Highlightsयुवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में तैनात थे। कार्रवाई से पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।निगरानी विभाग के अधिकारियों ने जय सिंह को उनकी कार समेत दबोच लिया।

पटनाः बिहार की राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक परमजय सिंह को 5 लाख रुपया घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो की ट्रैप टीम ने अधिकारी को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जब वे नियोजन भवन की पार्किंग में अपनी कार के भीतर रिश्वत की पहली किस्त स्वीकार कर रहे थे। यह अधिकारी युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में तैनात थे। इस औचक कार्रवाई से पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, सहायक निदेशक परमजय सिंह ने एक विशेष कार्य के एवज में कुल 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता और अधिकारी के बीच हुए सौदे के तहत आज 5 लाख रुपये की पहली किस्त दी जानी थी। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, पहले से घेराबंदी किए हुए निगरानी विभाग के अधिकारियों ने जय सिंह को उनकी कार समेत दबोच लिया।

रिश्वत की राशि बरामद कर ली। मामले की पुष्टि करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि नियोजन भवन की पार्किंग में रिश्वत का बड़ा लेन-देन होने वाला है। उन्होंने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि सहायक निदेशक परमजय सिंह द्वारा 5 लाख रुपये कार में लिए जाने की तैयारी है।

इसमें 10 लाख की कुल डील थी, जिसमें 9 लाख साहब (निदेशक) को और 1 लाख इन्हें मिलने थे। इसी आधार पर ट्रैप टीम का गठन किया गया और इन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। ऐसे में निदेशक, सुनील कुमार वर्मा की भूमिका की भी जांच की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को निगरानी ब्यूरो के मुख्यालय ले जाया गया।

जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस घूसखोरी में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी संलिप्तता हो सकती है। यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों के बीच कड़ा संदेश गया है।

Web Title: 500,000 rupees bribe taking money car Bihar Vigilance Team nabs Paramjay Singh Assistant Director Youth Employment and Skill Development Department

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