विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल: पहली बार विदर्भ चैंपियन?, सौराष्ट्र को 38 रन से हराया

Vijay Hazare Trophy Final: सौराष्ट्र की टीम अपना तीसरा खिताब से चूक गई और विदर्भ की टीम सूखा खत्म किया और चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 18, 2026 22:09 IST

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ठळक मुद्देVijay Hazare Trophy Final: विदर्भ चैंपियन बन गया है। पहली विजय हजारे ट्रॉफी है।Vijay Hazare Trophy Final: पिछले सीजन में फाइनल में कर्नाटक से हारने पर टीम का दिल टूट गया था।Vijay Hazare Trophy Final: श्वेत-गेंद क्रिकेट में अब तक उन्हें कोई ट्रॉफी नहीं मिली थी।

बेंगलुरुः विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में रोमांचक मुकाबले में पहली बार विदर्भ टीम चैंपियन बनी। दो बार की चैंपियन सौराष्ट्र को हराया। सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच रविवार को बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के मैदान पर मुकाबला हुआ। पहले खेलते हिए विदर्भ की टीम 8 विकेट पर 317 रन बना सकी। जवाब में सौराष्ट्र की टीम 300 रन बना सकी और 38 रन से हार का सामना करना पड़ा। दोनों टीम कागजों पर एक समान रही थी। सौराष्ट्र की टीम अपना तीसरा खिताब से चूक गई और विदर्भ की टीम सूखा खत्म किया और चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

विदर्भ चैंपियन बन गया है। यह उनकी पहली विजय हजारे ट्रॉफी है। भारत के घरेलू श्वेत-गेंद क्रिकेट प्रतियोगिताओं में उनका पहला खिताब है। लंबे समय से लाल-गेंद क्रिकेट में एक मजबूत टीम रहे हैं, लेकिन श्वेत-गेंद क्रिकेट में अब तक उन्हें कोई ट्रॉफी नहीं मिली थी। पिछले सीजन में फाइनल में कर्नाटक से हारने पर टीम का दिल टूट गया था, लेकिन उन्होंने इतिहास को दोहराने नहीं दिया।

विदर्भ की बल्लेबाजी को टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले अमन मोखाडे (781 रन) और ध्रुव शोरे (515 रन) ने मजबूती दी है। मोखाडे पारंपरिक सलामी बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। कर्नाटक के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने जिस तरह धैर्य से शतक जड़ा उससे उनके कौशल का पता चलता है। 

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