अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपकी क्या योजना है?, साल 2018 में पत्नी देविशा ने पति सूर्यकुमार यादव से पूछे थे सवाल?

अपनी ‘बेहद निश्छल’ पत्नी देविशा की प्रशंसा करते नहीं थकते। इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 17, 2026 14:36 IST

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ठळक मुद्देकप्तान के रूप में टी20 प्रारूप में 80 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड है।स्वाभाविक रूप से इन अंकों से बेहद खुश थे, जो उन्हें पढ़ाई में नहीं मिल पाए थे। मुझे आज क्रिकेट में मिल रहा है।

नई दिल्लीः आखिर वह निर्णायक मोड़ आया था और जिंदगी बदल गई।  पत्नी के सीधे सरल सवाल ने सूर्यकुमार कुमार यादव का करियर ही बदव दिया। उनकी पत्नी देविशा के सीधे सरल सवाल ने ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने को प्रेरित किया और अब जबकि सूर्यकुमार यादव विश्व कप विजेता कप्तान बन चुके हैं, तो वे अपनी ‘बेहद निश्छल’ पत्नी देविशा की प्रशंसा करते नहीं थकते क्योंकि उन्होंने ही उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। साल 2018 की बात है जब देविशा ने सूर्यकुमार से सवाल पूछा, ‘‘अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपकी क्या योजना है?’’

पढ़ाई में 80 प्रतिशत अंक नहीं मिल पाए, लेकिन क्रिकेट ने दिला दिए

पढ़ाई में भले ही सफलता न मिली हो, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर सूर्यकुमार यादव ने आखिरकार 80 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं। कुछ ही दिन पहले भारत को ऐतिहासिक टी20 विश्व कप खिताब दिलाने की जीत का जश्न मना रहे सूर्यकुमार का राष्ट्रीय कप्तान के रूप में टी20 प्रारूप में 80 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड है।

मुंबई के रहने वाले सूर्यकुमार स्वाभाविक रूप से इन अंकों से बेहद खुश थे, जो उन्हें पढ़ाई में नहीं मिल पाए थे। 2024 में टी20 कप्तान बनने के बाद से अपनी सफलता दर पर विचार करने के लिए पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई करके मैंने जो प्रतिशत हासिल करने की कोशिश की, वह मुझे आज क्रिकेट में मिल रहा है।"

इस दौरान खेले गए 52 मैचों में से दो बार के टी20 विश्व चैंपियन ने 42 मैच जीते हैं। "वहाँ (स्कूल या कॉलेज में), मैं कभी भी (50-60 प्रतिशत) अंक हासिल नहीं कर पाया। लेकिन यहाँ (80 प्रतिशत जीत दर) सुनकर वाकई अच्छा लग रहा है। हालाँकि मैं आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। लेकिन किसी को भी किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं होता। मुझे भी सभी खेल जीतना पसंद है," उन्होंने कहा।

टी20 विश्व कप 2024 में अनुभवी जोश कारगर साबित हुआ, तो 2026 में ‘गरम खून’ ने कमाल किया: सूर्यकुमार

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप की दो चैंपियन टीमों की तुलना करते हुए कहा कि 2024 की टीम के खिलाड़ियों में आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ट्रॉफी के लंबे समय से चले आ रहे सूखे को खत्म करने के लिए ‘अनुभवी उत्साह’ था, जबकि इस साल साल खिताब का बचाव करने वाली टीम के पास ‘युवाओं का जोशीला जुनून’ था।

टॅग्स :Suryakumar Yadavआईसीसी टी20 वर्ल्ड कपमुंबईMumbai

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