टी20 विश्व कप में टीम इंडिया एक साथ एक नहीं 3 टीम?, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा-आईपीएल के कारण युवाओं की फौज तैयार और बीसीसीआई ने किया कमाल

आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 में खिताबी जीत के बाद भारत की टी20 टीम की कमान संभालने वाले सूर्यकुमार ने घरेलू प्रतिस्पर्धाओं और इंडियन प्रीमियर लीग को टी20 क्रिकेट में भारत के बढते दबदबे का श्रेय दिया।

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 16, 2026 13:01 IST2026-03-16T12:58:18+5:302026-03-16T13:01:09+5:30

Team India field not one but 3 teams simultaneously T20 World Cup Captain Suryakumar Yadav said due IPL army youth ready BCCI did wonders see watch video | टी20 विश्व कप में टीम इंडिया एक साथ एक नहीं 3 टीम?, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा-आईपीएल के कारण युवाओं की फौज तैयार और बीसीसीआई ने किया कमाल

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Highlightsसूर्यकुमार के 2024 में कप्तान बनने के बाद से भारतीय टीम ने 52 में से 42 टी20 मैच जीते हैं।इंटरव्यू में सूर्यकुमार ने मौजूदा टीम को भारत की सर्वश्रेष्ठ टी20 टीम बताया।आईपीएल है, फ्रेंचाइजी क्रिकेट और फिर घरेलू क्रिकेट।

नई दिल्लीः भारत के टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव का मानना है कि क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में भारत में प्रतिभाओं का पूल इतना बड़ा है कि दो या तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमें एक साथ उतारी जा सकती है और इसका श्रेय बेहतरीन घरेलू ढांचे और फ्रेंचाइजी ‘इकोसिस्टम’ को जाता है। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 में खिताबी जीत के बाद भारत की टी20 टीम की कमान संभालने वाले सूर्यकुमार ने घरेलू प्रतिस्पर्धाओं और इंडियन प्रीमियर लीग को टी20 क्रिकेट में भारत के बढते दबदबे का श्रेय दिया।

सूर्यकुमार के 2024 में कप्तान बनने के बाद से भारतीय टीम ने 52 में से 42 टी20 मैच जीते हैं। पीटीआई वीडियो के साथ रविवार को पॉडकास्ट इंटरव्यू में सूर्यकुमार ने मौजूदा टीम को भारत की सर्वश्रेष्ठ टी20 टीम बताया। उन्होंने कहा ,‘अगर आप प्रतिभा की बात करें तो नियमित स्तर पर प्रतिभायें आती रही है। आईपीएल है, फ्रेंचाइजी क्रिकेट और फिर घरेलू क्रिकेट।

आप देख सकते हैं कि हर साल कितने खिलाड़ी निकल रहे हैं । आप जितनी चाहें उतनी टी20 टीमें बना सकते हैं ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि प्रतिभायें अपार है । हमारा बेस इतना मजबूत है कि दो या तीन अंतिम एकादश तैयार की जा सकती है । यह कोई कूटनीतिक जवाब नहीं है । वाकई हमारा ढांचा इतना मजबूत है कि सच कहने में कोई शर्म नहीं है ।’’

सूर्यकुमार ने विश्व कप में टीम की सफलता का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के साझा विजन से इस अप्रत्याशित प्रारूप में जीत की 80 प्रतिशत दर हासिल करने में मदद मिली । उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय मैच अलग तरीके से खेले जाते हैं और आईसीसी टूर्नामेंट में कुछ और होता है । इसलिये टीम को विश्व कप में जीत की लय बनाये रखने के लिये प्रेरित करना पड़ा ।

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता लेकिन मुझे हारना पसंद है । ड्रेसिंग रूम में सभी अगर एक दिशा में सोचते हैं तो ही यह प्रतिशत हासिल किया जा सकता है ।’’ मैदान में 360 डिग्री पर स्ट्रोक्स खेलने में माहिर सूर्यकुमार ने टी20 बल्लेबाजी के बारे में कहा ,‘‘मेरा मानना है कि बल्लेबाजी 70 से 75 प्रतिशत प्रतिक्रिया होती है । बाकी 25 प्रतिशत स्वाभाविक होती है कि आप समय पर क्या करते हैं ।

मैदान पर उतरने के बाद आप आटोपायलट मोड में होते हैं । आप हालात के अनुरूप खेलने की कोशिश करते हैं ।’’ अक्सर जोखिम भरे स्ट्रोक्स खेलने वाले सूर्यकुमार ने कहा कि वह हमेशा साहस और लापरवाही में एक लकीर खींचकर चलना पसंद करते हैं । साहसी और लापरवाह होने में बहुत बारीक अंतर है । मैं साहसी रहना पसंद करता हूं ।

लेकिन अगर हालात के अनुसार जोखिमभरे शॉट खेलने की जरूरत है तो करना पड़ता है । जितना ज्यादा जोखिम होगा, उतना अच्छा फल मिलेगा ।’’ कोच गौतम गंभीर से संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि टीम चुनने के लिये जब वे पहली बार साथ बैठे तो उनकी सोच समान थी । उन्होंने कहा ,‘‘ जो 15 नाम हमने सुझाये थे, उनमे से 14 समान थे ।

इसका मतलब है कि हम एक सा सोचते हैं । जब लक्ष्य साफ तो तो कोई मतभेद नहीं होते, चर्चा होती है ।’’ पेशेवर सफलता ने भी उनके निजी संबंधों को बदला नहीं है । उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अभी भी उन्हें गौती भाई बुलाता हूं । यह बड़े भाई और छोटे भाई वाला संबंध है ।’’

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