Highlightsअक्षर चोट के कारण नीदरलैंड्स के खिलाफ अंतिम ग्रुप स्टेज मैच में नहीं खेल पाए थे।दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वाशिंगटन सुंदर को खिलाने का फैसला एक रणनीतिक निर्णय था। एक अनुभवी खिलाड़ी हैं, वह एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी करते हैं।
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्वीकार किया कि टी20 विश्व कप के सुपर 8 मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑलराउंडर अक्षर पटेल को टीम से बाहर रखना उनकी 'गलती' थी। हाल ही में एक इंटरव्यू में सूर्यकुमार ने बताया कि अक्षर इस फैसले से बेहद नाराज थे और उन्होंने मैच के बाद व्यक्तिगत रूप से उनसे माफी मांगी। यह फैसला पूरी तरह से उल्टा पड़ा, क्योंकि भारत को प्रोटियाज के हाथों करारी हार मिली। टूर्नामेंट में यह उनकी एकमात्र हार थी। हालांकि अक्षर चोट के कारण नीदरलैंड्स के खिलाफ अंतिम ग्रुप स्टेज मैच में नहीं खेल पाए थे।
लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वाशिंगटन सुंदर को खिलाने का फैसला एक रणनीतिक निर्णय था। सूर्यकुमार ने इस फैसले और हार के बाद अक्षर के साथ हुई बातचीत के बारे में खुलकर बात की। “वह (अक्षर पटेल) बहुत गुस्से में थे और उन्हें होना भी चाहिए था। वह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं, वह एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी करते हैं।
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें गुस्सा आना स्वाभाविक था।मैंने माफी मांगी। मैंने उनसे कहा कि मुझसे गलती हुई है और मुझे खेद है, लेकिन यह टीम का फैसला था। यह एक कठिन बातचीत थी। उन्होंने इसे सहजता से लिया और हमने अगले दिन इस पर फिर बात की। इस बीच अक्षर पटेल ने टी20 विश्व कप 2026 में भारत की जीत को एक भावुक और अविस्मरणीय क्षण बताया।
खुलासा किया कि यह जीत और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई, क्योंकि उनके बेटे ने पहली बार उन्हें स्टैंड से खेलते हुए देखा। भारत द्वारा टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने और देश की क्रिकेट उपलब्धियों में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने के बाद अक्षर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं साझा कीं।
“विश्व कप जीतना बचपन का सपना होता है। लेकिन आज का दिन और भी खास इसलिए लगा क्योंकि हमारा छोटा हक स्टैंड्स में बैठकर अपने पिता को पहली बार खेलते हुए देख रहा था। यह पल हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा। एक ऐसा क्षण जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त दी।
घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई। साथ ही, भारत लगातार दो बार खिताब जीतने वाली पहली टीम और तीन बार (2007, 2024 और 2026) ट्रॉफी उठाने वाली एकमात्र टीम भी बन गई। टी20 विश्व कप फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर था।