मोहम्मद शमी, आकाशदीप और मुकेश कुमार देखते रह गए?, 67 साल में पहली बार, चौथे दिन 2 बार के पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में जेके?

Ranji Trophy semifinals: जम्मू कश्मीर की टीम ने अपने पहले रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में बंगाल को छह विकेट से हराकर 67 साल में पहली बार इस घरेलू टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 18, 2026 16:39 IST

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ठळक मुद्देजम्मू कश्मीर में 34.4 ओवर में चार विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर दिया।बंगाल ने जम्मू कश्मीर के सामने 126 रन का लक्ष्य रखा था। रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया।

कल्याणीः कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेले गए रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर ने सितारों से सजी बंगाल टीम को छह विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई। जम्मू कश्मीर ने बुधवार को यहां सेमीफाइनल के चौथे दिन दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल को छह विकेट से करारी शिकस्त देकर अपने 67 साल के इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। बंगाल ने जम्मू कश्मीर के सामने 126 रन का लक्ष्य रखा था। जम्मू कश्मीर में 34.4 ओवर में चार विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर दिया।

उसकी तरफ से वंशज शर्मा ने नाबाद 43 और अब्दुल समद ने नाबाद 30 रन बनाए। जम्मू कश्मीर ने बुधवार को यहां सेमीफाइनल के चौथे दिन दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल को छह विकेट से हराकर अपने 67 साल के इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। बंगाल ने जम्मू कश्मीर के सामने 126 रन का लक्ष्य रखा था।

जम्मू कश्मीर में 34.4 ओवर में चार विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर दिया। उसकी तरफ से वंशज शर्मा ने नाबाद 43 और अब्दुल समद ने नाबाद 30 रन बनाए। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस केंद्र शासित प्रदेश की क्रिकेट टीम के पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने को उल्लेखनीय उपलब्धि करार देते हुए बुधवार को खिलाड़ियों को बधाई दी।

क्रिकेट आपको इनाम देने से कहीं अधिक आपकी परीक्षा लेता है: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा

जम्मू-कश्मीर के प्रेरणादायी कप्तान पारस डोगरा ने अपने 24 साल के सफर को कुछ भावनात्मक शब्दों में बयां किया। डोगरा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर ने मुश्किलों को पार करते हुए बुधवार को यहां दो बार के चैंपियन बंगाल पर छह विकेट से जीत हासिल करके पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में जगह बनाई।

बुधवार को पिछले सीजन में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली जम्मू-कश्मीर टीम ने चौथे दिन 43 रन पर दो विकेट गिरने के बाद से खेलना शुरू किया और लगभग दो घंटे में शेष 83 रन बना लिए। दूसरी पारी में खराब बल्लेबाजी के कारण लगभग मैच गंवा चुकी बंगाल टीम को सपाट पिच पर हार का डर साफ दिख रहा था।

मोहम्मद शमी ने शुभम पुंडीर को बोल्ड किया और आकाश दीप ने जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा को विकेट के पीछे कैच आउट कराया। मेहमान बल्लेबाजों ने अपना ध्यान बनाए रखा। 22 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज वंशज शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पारी को संभाला। उन्होंने बड़े-बड़े शॉट लगाने वाले अब्दुल समद के साथ मिलकर 55 रनों की अटूट साझेदारी की, जिसने मैच जिता दिया।

वंशज ने मुकेश कुमार की गेंद को चौके के पार पहुंचाकर विजयी शॉट लगाया और उनके साथी खिलाड़ी इस यादगार जीत का जश्न मनाने के लिए मैदान पर दौड़ पड़े। 26 रनों की बढ़त देने से कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि हमारे पास सात सत्र शेष थे। हमने उन्हें 99 रनों पर रोकने की उम्मीद नहीं की थी।

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