Ranji Trophy Semi-Final: कप्तान की शानदार पारी। कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पहला दोहरा शतक पूरा किया। कप्तान ने 330 गेंद में 29 चौके और 3 छक्के की मदद से 232 रन बनाकर आउट हुए। ड्रेसिंग रूम में मौजूद सभी खिलाड़ी उनकी इस खास पारी के लिए खड़े हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने यह उपलब्धि हासिल करने के लिए 288 गेंदें लीं, जिसमें 25 चौके और दो छक्के शामिल थे। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 193 रन था, जो उन्होंने 2023-24 सीजन में पंजाब के खिलाफ जीत में बनाया था।
पहले बल्लेबाजी करने उतरे कर्नाटक ने सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल का विकेट जल्दी ही गंवा दिया। हालांकि सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और पडिक्कल के बीच 278 रनों की साझेदारी ने कर्नाटक को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। राहुल 141 रन बनाकर आदित्य रावत के हाथों कैच-एंड-बोल्ड के एक शानदार मौके पर आउट हो गए।
इसके बाद पडिक्कल ने तीसरे विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी की और कर्नाटक को 400 रन के पार पहुंचाने में मदद की। कप्तान देवदत्त पडिक्कल की टीम कर्नाटक ने बड़े लक्ष्य की ओर है। उत्तराखंड के खिलाफ 5 विकेट पर 551 रन बनाए लिए। उत्तराखंड कप्तान का फैसला गलत साबित हुआ।
पहला प्रथम श्रेणी दोहरा शतक लगाकर भारत के टेस्ट चयनकर्ताओं को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। लखनऊ के एकाना स्टेडियम में बल्लेबाजी करते हुए, बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दबाव में रहते हुए एक शानदार पारी खेली और सेमीफाइनल में कर्नाटक के लिए अहम भूमिका निभाई। धैर्य और दृढ़ता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया और पूरे दिन उत्तराखंड के गेंदबाजों की जमकर धुलाई की।
पडिक्कल ने भारत के लिए 3 टेस्ट खेले हैं। तीन पारियों में 90 रन बनाए, जिसमें 2024 में धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ 65 रनों का उनका डेब्यू अर्धशतक भी शामिल है। भारत के लिए नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए उनका प्रदर्शन अब तक औसत रहा है, उन्होंने दो पारियों में 12.50 के औसत से केवल 25 रन बनाए हैं।