भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ नस्ली टिप्पणी, सीए ने माफी और आईसीसी ने रिपोर्ट मांगी

By भाषा | Updated: January 10, 2021 18:43 IST2021-01-10T18:43:31+5:302021-01-10T18:43:31+5:30

Racist remarks against Indian players, CA seeks apology and ICC reports | भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ नस्ली टिप्पणी, सीए ने माफी और आईसीसी ने रिपोर्ट मांगी

भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ नस्ली टिप्पणी, सीए ने माफी और आईसीसी ने रिपोर्ट मांगी

googleNewsNext

सिडनी/नयी दिल्ली, 10 जनवरी भारतीय क्रिकेटरों विशेषकर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में लगातार दूसरे दिन नस्ली टिप्पणियों का सामना करना पड़ा जिसके कारण चौथे दिन का खेल कुछ समय के लिये रुका रहा, कुछ दर्शकों को बाहर किया गया और क्रिकेट जगत ने इसकी कड़ी भर्त्सना की।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों के अनुसार सिराज के लिये ‘ब्राउन डॉग’ और ‘बिग मंकी’ कहा गया। सिराज के पिता का हाल में निधन हुआ था और वह अब भी गमजदा हैं।

पहली बार आस्ट्रेलियाई दौरे पर गया यह 26 वर्षीय खिलाड़ी नियमों का पालन करते हुए तुरंत ही कप्तान अजिंक्य रहाणे और मैदानी अंपायरों के पास गया और उन्हें घटना से अवगत कराया। इससे खेल 10 मिनट तक रुका रहा। सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया जिन्होंने छह दर्शकों को स्टेडियम से बाहर कर दिया।

इससे पहले शनिवार को नशे में धुत एक व्यक्ति ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और सिराज के लिये अपशब्दों का उपयोग किया था। बीसीसीआई पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफरी डेविड बून के पास इसकी शिकायत कर चुका है।

क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) के इंटिग्रिटी एवं सुरक्षा प्रमुख सीन केरोल ने कहा,‘‘श्रृंखला का मेजबान होने के नाते हम भारतीय क्रिकेट टीम में अपने मित्रों से माफी मांगते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप नस्ली अपशब्द का इस्तेमाल करते हो तो आस्ट्रेलियाई क्रिकेट में आपका स्वागत नहीं है। सीए को शनिवार को सिडनी क्रिकेट मैदान पर की गई शिकायत के मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की जांच के नतीजे का इंतजार है।’’

केरोल कहा, ‘‘जिम्मेदार लोगों की पहचान होने के बाद सीए अपनी उत्पीड़न रोधी संहिता के तहत कड़े कदम उठाएगा जिसमें लंबे प्रतिबंध और न्यू साउथ वेल्स पुलिस के पास मामला भेजना भी शामिल है।’’

भारतीय बोर्ड की तरफ से बीसीसीआई सचिव जय शाह ने पहले आधिकारिक टिप्पणी की और कहा, ‘‘हमारे इस खेल और हमारे समाज में नस्लवाद के लिये कोई स्थान नहीं है। ’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैंने क्रिकेट आस्ट्रेलिया के अधिकारियों से बात की और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बीसीसीआई और क्रिकेट आस्ट्रेलिया दोनों एक साथ हैं। भेदभाव की ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ’’

शाह ने अपने ट्वीट में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को भी टैग किया जो एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद उससे उबर रहे हैं।

दुबई में आईसीसी ने भी बयान जारी करके इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और सीए से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी।

सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पहले भी सिडनी में नस्लवाद का सामना किया है।

अश्विन ने कहा, ‘‘यह ऑस्ट्रेलिया का मेरा चौथा दौरा है। खासकर सिडनी में हमें अतीत में भी इसका सामना करना पड़ा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक या दो बार खिलाड़ियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी और वे मुश्किल में फंस गये क्योंकि वे खिलाड़ी हैं। लेकिन दर्शक जिस तरह की टिप्पणी कर रहे थे वह कहीं से सही नहीं था। मैंने खुद भी इसका सामना किया है। वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते है। मुझे नहीं पता वे ऐसा क्यों करते हैं। ’’

आस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने इस घटना पर निराशा व्यक्त करते हुए ऐसे व्यवहार को शर्मनाक करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कहने का मतलब है कि एक खिलाड़ी के रूप में मैं इससे नफरत करता था, एक कोच के रूप में इससे नफरत करता हूं, हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ऐसा देखा है और आस्ट्रेलिया में ऐसा होते हुए देखना दुखद है।’’

नस्ली टिप्पणी की घटनाओं ने 2007-08 के मंकीगेट कांड की यादों को भी ताजा कर दिया।

मंकीगेट प्रकरण भी सिडनी टेस्ट के दौरान हुआ था जब एंड्रयू साइमंड्स ने दावा किया था कि हरभजन सिंह ने कई बार उनके प्रति नस्ली टिप्पणी की। भारतीय आफ स्पिनर को हालांकि सुनवाई के दौरान इस मामले में पाक साफ करार दिया गया।

भारत के नियमित कप्तान और पितृत्व अवकाश पर चल रहे विराट कोहली ने भी भारतीय टीम का समर्थन किया।

कोहली ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘नस्ली दुर्व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सीमा रेखा पर क्षेत्ररक्षण करते समय मुझे भी घटिया बातें सुननी पड़ी है और यह अभद्र व्यवहार की चरम सीमा है। मैदान पर इस तरह की घटनाएं देखना दुखद है। ’’

चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला अभी 1-1 से बराबरी पर है। चौथा और अंतिम टेस्ट मैच 15 जनवरी से ब्रिस्बेन में खेला जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in app