प्रेमदासा स्टेडियमः 15 मैच खेल 11 में जीत, कोलंबो में भारत का उच्चतम और न्यूनतम स्कोर, देखिए आंकड़े

पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान पर भारत का दबदबा रहा है, जिससे मनोवैज्ञानिक बढ़त भी मिलेगी।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 14, 2026 12:48 IST2026-02-14T12:46:41+5:302026-02-14T12:48:13+5:30

Premadasa India’s T20I record RPS in Colombo Matches 15 Won 11 Lost - 4 T20I history India vs Pakistan teams, start time, lineups | प्रेमदासा स्टेडियमः 15 मैच खेल 11 में जीत, कोलंबो में भारत का उच्चतम और न्यूनतम स्कोर, देखिए आंकड़े

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Highlightsटी20 विश्व कप के सबसे चर्चित मुकाबले को अनिश्चितता में डाल दिया था।टी20 विश्व कप में अब तक के उनके प्रदर्शन ने इस दावे को और भी मजबूत किया है।रविवार को होने वाला मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

कोलंबो: मैदान से बाहर के तमाम ड्रामे और राजनीतिक शोर-शराबे के बाद कल टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। क्रिकेट में सियासत के घालमेल के कारण पैदा हुआ गतिरोध ‘अस्थायी’ तौर पर दूर होने के बाद टी20 विश्व कप के सबसे चर्चित मुकाबले में रविवार को चिर प्रतिद्वंद्वी आमने सामने होंगे तो भारत के मध्यक्रम के सामने पाकिस्तान के स्पिनरों की चुनौती होगी और मैच की पृष्ठभूमि को देखते हुए अब दोनों टीमें किसी तरह की कोताही बरतना नहीं चाहेगी। बहुप्रतीक्षित टी20 विश्व कप के सबसे चर्चित मुकाबले को अनिश्चितता में डाल दिया था। आखिरकार फैंस की जीत हुई।

India vs Pakistan T20 World Cup: कोलंबो के आरपीएस में भारत का टी20 रिकॉर्ड-

मैच - 15

जीत - 11

हार - 4।

आखिरकार यह मैच तय समय पर होने जा रहा है। भारत और पाकिस्तान रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। प्रतिद्वंद्विता को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। कई लोग इस मुकाबले में भारत को प्रबल दावेदार मान रहे हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता में भारत का दबदबा कायम है और इस टी20 विश्व कप में अब तक के उनके प्रदर्शन ने इस दावे को और भी मजबूत किया है।

India vs Pakistan T20 World Cup: कोलंबो में प्रदर्शन

भारत का उच्चतम स्कोर- बांग्लादेश के खिलाफ 176/3 (मार्च 2018)

कोलंबो में भारत का न्यूनतम स्कोर: श्रीलंका के खिलाफ 81/8 (जुलाई 2021)

कोलंबो में भारत का औसत स्कोर: 15 मैचों में 157।

भारत ने अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ जीत के साथ की, जिसमें सूर्यकुमार यादव ने निर्णायक पारी खेलकर टीम को संकट से उबारा और जीत दिलाई। भारत ने आक्रामक रुख अपनाते हुए नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया को 93 रनों से हरा दिया। टी20 विश्व कप के इतिहास में रनों के अंतर से यह भारत की सबसे बड़ी जीत थी।

दूसरी ओर, पाकिस्तान नीदरलैंड्स के खिलाफ बेहद मुश्किल स्थिति में दिख रहा था, लेकिन फहीम अशरफ की अहम पारी ने उन्हें रोमांचक मुकाबले में जीत दिला दी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के खिलाफ और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में अब तक लगातार दो जीत दर्ज कीं। रविवार को होने वाला मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। लगातार जीत दर्ज कर भारत अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में है।

पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान पर भारत का दबदबा रहा है, जिससे मनोवैज्ञानिक बढ़त भी मिलेगी। प्रेमदासा स्टेडियम एक ऐसा मैदान है, जहां भारत लंबे समय से खेलता आ रहा है और वहां की परिस्थितियां भारत के लिए अपरिचित नहीं बल्कि परिचित हैं। प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के पिछले प्रदर्शनों और इस मैदान पर उभरे रुझानों पर एक नज़र डालते हैं।

कोलंबो में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है?

भारत ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 2009 से उन्होंने यहां 15 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें से 11 जीते हैं और केवल चार हारे हैं। टी20 विश्व कप 2012 ने भारत की ताकत को उजागर किया। इस मैदान पर खेले गए पांच में से चार मैच जीते, उनकी एकमात्र हार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई थी।

गौरतलब है कि मेजबान श्रीलंका के अलावा, केवल ऑस्ट्रेलिया ही प्रेमदासा में भारत को हराने में कामयाब रहा है, जो इस प्रतिष्ठित कोलंबो स्टेडियम में खेलते समय भारत की मजबूती और आत्मविश्वास को दर्शाता है। इस मैदान पर खेले गए 51 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में औसत स्कोर 152 है, जिसमें टीमों ने 28 मैचों में लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया है।

मौजूदा टूर्नामेंट में लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल साबित हुआ है। जैसा कि आयरलैंड ने दो बार और ऑस्ट्रेलिया ने एक बार अनुभव किया है। मौजूदा टूर्नामेंट में प्रेमदासा स्टेडियम में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को तीनों मैच हारे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में औसत स्कोर थोड़ा अधिक यानी 158 रहा है।

भारत ने विशेष रूप से 150 से अधिक रन बनाने पर शानदार प्रदर्शन किया है और कोलंबो में पहले बल्लेबाजी करते हुए खेले गए छह मैचों में से पांच में जीत हासिल की है। यह मैदान बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला है। कोलंबो में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऐतिहासिक रूप से तेज और स्पिन गेंदबाजों का दबदबा रहा है।

आर प्रेमदासा स्टेडियम में तेज गेंदबाजों ने 323 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनर 282 विकेट लेकर उनसे कुछ ही पीछे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में भी दोनों तरह के गेंदबाजों को बराबर सफलता मिली है। स्पिनरों की बात करें तो, हाल ही में वानिंदु हसरंगा और महेश थीक्षाना ने आयरलैंड के बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका, वहीं जॉर्ज डॉकरेल ने आयरलैंड के लिए तीन विकेट लिए।

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