नई दिल्लीः भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बड़ा कदम उठाया है। जसप्रीत बुमराह जल्द ही अपनी रणनीति बदलने वाले हैं। अपना दूसरा टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय तेज गेंदबाज अब अपना ध्यान अगले बड़े लक्ष्य पर है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 विश्व कप पर फोकस कर रहे हैं। इस योजना के तहत बुमराह अगले 18 महीनों में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की तुलना में अधिक वनडे मैच खेलेंगे। भारत के इस तेज गेंदबाज ने आने वाले समय में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की संख्या कम कर दी है। भारत अपने खिताब का बचाव करने और तीन बार यह ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई।
बुमराह ने टी20 विश्व कप में खिताब का बचाव करना अपने करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक करार देते हुए कहा कि उन्हें दबाव वाली परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेना अच्छा लगता है। बुमराह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में चार विकेट लेकर भारत की 96 रन से जीत में अहम भूमिका निभाई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बुमराह लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों में खेलने के इच्छुक हैं। यह एक दीर्घकालिक लक्ष्य है। फिलहाल आईपीएल 2026 के समाप्त होते ही 50 ओवरों के विश्व कप की तैयारियां पूरी रफ्तार से शुरू हो जाएंगी और बुमराह जो आईसीसी के इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए भारत की योजनाओं का अभिन्न अंग हैं, अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखेंगे।
वनडे के अलावा बुमराह क्रिकेट में भी भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल पर नजर रखते हुए तेज गेंदबाज से उम्मीद की जाती है कि वह टेस्ट और वनडे दोनों पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से बताया कि हमेशा की तरह, बुमराह की फिटनेस भारत के किसी भी वैश्विक अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इसलिए भारतीय टीम प्रबंधन को बहुत सावधानी बरतनी होगी और प्रारूपों को प्राथमिकता देनी होगी। टेस्ट क्रिकेट को छोड़ दें, जो वह निश्चित रूप से खेलेंगे, लेकिन 50 ओवर के विश्व कप चक्र में, वह वनडे पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे। लगभग 30-35 मैच होंगे, और कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता।
क्रिकेट को एक अलग ही स्तर पर ले गया है भारत, टी20 विश्व कप जीत पर रिचर्ड्स ने कहा
वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर विव रिचर्ड्स ने ‘टीम इंडिया’ के टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड पर 96 रन की जीत के बाद कहा कि जहां तक सफेद गेंद के प्रारूप की बात है तो भारत अपने क्रिकेट को एक अलग स्तर पर ले गया है। जितेश शर्मा को जब भारत की टी20 विश्व कप टीम से बाहर किया गया तो उन्हें झटका लगा लेकिन अब यह अहसास अपने पिता के आखिरी दिनों में उनके साथ रहने के अहसास के सामने मामूली लगता है।