2020 से अभी तक 6 फाइनल में मात?, दिल्ली-प्रिटोरिया कैपिटल्स की कहानी, कहां मात खा रहे सौरव गांगुली के धुरंधर

आईपीएल में 1, महिला प्रीमियर लीग में 3 और एसए20 लीग के फाइनल में 2 बार हार का सामना करना पड़ा। 

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 26, 2026 14:27 IST2026-01-26T14:24:03+5:302026-01-26T14:27:01+5:30

Delhi-Pretoria Capitals 2020-2026 Defeated in 6 finals story where Sourav Ganguly stalwarts getting defeated | 2020 से अभी तक 6 फाइनल में मात?, दिल्ली-प्रिटोरिया कैपिटल्स की कहानी, कहां मात खा रहे सौरव गांगुली के धुरंधर

file photo

googleNewsNext
Highlightsभारतीय टीम के पूर्व कप्तान भी हर कोशिश में फेल हो रहे हैं।  कोच सौरव गांगुली भी टीम भाग्य को पलट नहीं सके।दिल्ली कैपिटल्स की टीम अभी तक 6 फाइनल में हार चुकी है।

केपटाउनः प्रिटोरिया कैपिटल्स को फिर से फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। कोच सौरव गांगुली की टीम हर बार फाइनल में मात खा रही है। कोच बदले और कप्तान बदले, लेकिन कहानी जस की तस है। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की दूसरी टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम अभी तक 6 फाइनल में हार चुकी है। आईपीएल में 1, महिला प्रीमियर लीग में 3 और एसए20 लीग के फाइनल में 2 बार हार का सामना करना पड़ा। कोच सौरव गांगुली भी टीम भाग्य को पलट नहीं सके। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान भी हर कोशिश में फेल हो रहे हैं। 

दिल्ली-प्रिटोरिया कैपिटल्स की कहानी और हार सिससिला-

आईपीएलः 2020

एसए20 लीगः 2023 और 2026

महिला प्रीमियर लीगः 2023, 2024 और 2025।

प्रिटोरिया कैपिटल्स के कप्तान केशव महाराज ने एसए20 लीग के फाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ छह विकेट की हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम अपनी पारी के अंतिम ओवरों में लड़खड़ा गई और उन्हें कम से कम 170 रन बनाने चाहिए थे। कैपिटल्स की टीम ने 18 ओवर में पांच विकेट पर 155 रन बनाए लिए थे लेकिन अंतिम दो ओवर में टीम तीन रन ही बना सकी।

लगातार चौथी बार फाइनल में खेल रही सनराइजर्स की टीम ने 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैथ्यू ब्रीटज्के (नाबाद 68 रन, 49 गेंद, पांच चौके, दो छक्के) और कप्तान ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 63 रन, 41 गेंद, दो चौके, चार छक्के) के नाबाद अर्धशतक और दोनों के बीच पांचवें विकेट की 114 रन की अटूट साझेदारी से 48 रन पर चार विकेट गंवाने के बावजूद 19.2 ओवर में चार विकेट पर 162 रन बनाकर जीत दर्ज की। प्रिटोरिया कैपिटल्स ने इससे पहले डेवाल्ड ब्रेविस की 56 गेंद में आठ चौकों और सात छक्कों से 101 रन की पारी की बदौलत सात विकेट पर 158 रन बनाए।

महाराज ने स्वीकार किया कि उनकी टीम को अंतिम दो ओवर में खराब बल्लेबाजी और पारी में महत्वपूर्ण समय पर दो रन आउट होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। अंतिम दो ओवर में सिर्फ तीन रन बनाना क्या हार का एक कारण रहा यह पूछे जाने पर महाराज ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हां, बिल्कुल। हमने पारी के आखिर में 10 गेंद (12 गेंद) में तीन रन बनाए।

मुझे लगता है कि जिस तरह से हमने शुरुआत की उसे देखते हुए हमें 170 या उसके करीब या उससे थोड़े अधिक रन बनाने चाहिए थे। हमने मैच में महत्वपूर्ण समय पर रन आउट से दो विकेट गंवा दिए।’’ महाराज ने कहा कि गेंदबाजी में भी उनके पास अच्छा मौका था लेकिन वहां भी उनकी टीम अंतिम लम्हों में लड़खड़ा गई।

उन्होंने कहा, ‘‘ गेंदबाजी के नजरिए से हमारे पास बचाने के लिए 60 रन थे। उन्हें अंतिम पांच ओवर में 56 रन की जरूरत थी। आम तौर पर आप उम्मीद करते हैं कि ऐसी स्थिति में गेंदबाज जीत दिलाएंगे। मुझे कामचलाऊ गेंदबाजों से थोड़े ओवर कराने चाहिए थे।’’ प्रिटोरिया की टीम को पांचवें गेंदबाजी की कमी खली।

गिडियोन पीटर्स और ब्राइस पार्सन्स ने 3.2 ओवर में 50 रन लुटाए। महाराज ने साथ ही टीम को लक्ष्य तक पहुंचाकर खिताब दिलाने के लिए स्टब्स और ब्रीटज्के की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सनराइजर्स ने जिस तरह से लक्ष्य का पीछा किया उसके लिए हमें उनकी तारीफ करनी चाहिए। हमने स्टब्स को अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में देखा और मैथ्यू ने वैसे ही एंकर की भूमिका निभाई जिसके लिए हम उसे जानते हैं। हमें अपने खेल के कुछ विभागों पर भी ध्यान देने की जरूरत है जिनमें हम बेहतर कर सकते हैं।’’

महाराज ने कहा कि उनकी टीम खिताब के काफी करीब पहुंचकर भी इससे काफी दूर रह गई। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप देखें तो हमारा अभियान मुश्किल रहा। हम इतने करीब पहुंचकर भी इतने दूर रह गए। जब आप बहुत जल्दी और सस्ते में विकेट गंवा रहे हों तो प्रतियोगिता जीतना आसान नहीं होता।

लेकिन हम बहुत सारी सकारात्मक बातों पर गौर कर सकते हैं, विशेषकर हमने जिस तरह एक टीम के रूप में खेला।’’ महाराज ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने हमें सात रन पर पांच विकेट गंवाने की स्थिति से उबारा, हमने 140 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह काफी दर्दनाक है,

मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि हम विश्व कप हार गए या ऐसा कुछ। सत्र की शुरुआत में बहुत से लोगों ने नहीं सोचा होगा कि हम इस स्थिति में होंगे इसलिए हम जितनी सकारात्मक बातें ले सकते हैं वे लेते हैं और अगले सत्र में हम उन विभागों पर ध्यान देते हैं जहां हम बेहतर कर सकते हैं।’’

Open in app