COA ने विराट कोहली-रवि शास्त्री को दिया विदेशी दौरों पर WAGs का शेड्यूल बनाने का जिम्मा, बीसीसीआई-लोढ़ा हैरत में

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भारत के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को पत्नियों और गर्लफ्रेंड्स की यात्रा पर निर्णय लेने के बारे में कहा है।

By सुमित राय | Updated: July 19, 2019 20:10 IST2019-07-19T20:10:42+5:302019-07-19T20:10:42+5:30

CoA asks Kohli-Shastri to decide on WAGs travel on tour, leaves Lodha and BCCI stunned | COA ने विराट कोहली-रवि शास्त्री को दिया विदेशी दौरों पर WAGs का शेड्यूल बनाने का जिम्मा, बीसीसीआई-लोढ़ा हैरत में

COA ने विराट कोहली-रवि शास्त्री को दिया विदेशी दौरों पर WAGs का शेड्यूल बनाने का जिम्मा

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Highlightsसीओए ने कप्तान और कोच को WAGs की यात्रा पर निर्णय लेने के बारे में कहा है।सीओए के इस फैसले के बाद ने सिर्फ बीसीसीआई के अधिकारी हैरान हैं।आरएम लोढा ने कहा कि अब इस मामले में लोकपाल को ही कोई फैसला लेना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भारत के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को पत्नियों और गर्लफ्रेंड्स की यात्रा पर निर्णय लेने के बारे में कहा है।  पहले यह तय करना बीसीसीआई प्रबंधन के हाथ में था। सीओए के इस फैसले के बाद ने सिर्फ बीसीसीआई के अधिकारी हैरान हैं, बल्कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा भी आश्चर्यचकित हैं।

आरएम लोढा ने कहा कि अब इस मामले में बोर्ड के लोकपाल डीके जैन को ही कोई फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकपाल को अब लोढा पैनल के प्रस्तावित नए संविधान के खिलाफ उठने वाली कदमों को रोकना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'मैं क्या कह सकता हूं। फैसला लेने के लिए लोकपाल वहां है। लोढ़ा पैनल के प्रस्तावों को हर कोई अपने तरीके से व्याख्या कर रहा है। हमारे सुझाव संविधान के अनुरूप है। अब जब कोई मामला उठता है तो लोकपाल को इस पर फैसला लेना चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'पिछले दो सालों में कुछ भी नहीं हुआ है। हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित रिपोर्ट को लागू होते देखना चाहते थे, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हमने कुछ नहीं देखा है।'

उन्होंने कहा, 'उनके द्वारा कई ऐसे फैसले लिए गए हैं, जो ना केवल बीसीसीआई के नए संविधान की पूरी तरह उल्लंघन करता है, बल्कि लोढा पैनल समिति की रिपोर्ट का भी उल्लंघन करता है। सीओए प्रशासन में हितों के टकराव जैसे मुद्दों के साथ आए हैं।'

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