यूपी में 68236 सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोका गया!, अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया?

By राजेंद्र कुमार | Updated: February 2, 2026 17:36 IST2026-02-02T17:35:54+5:302026-02-02T17:36:46+5:30

उत्तर प्रदेश के 8.18 लाख राज्य कर्मियों में से प्रथम श्रेणी के 13,236 कर्मियों में से 11,001 ने 31 जनवरी तक अपनी चल अचल संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड किया.

uttar pradesh Salary 68236 government employees withheld in UP not give details their property | यूपी में 68236 सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोका गया!, अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया?

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Highlightsकर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड कर देंगे तब उनका वेतन जारी किया जाएगा.द्वितीय श्रेणी 86.08 प्रतिशत अफसरों ने भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड किया.संपत्ति का ब्यौरा लोड ना करने वाले कर्मियों का वेतन रोक दिया है.

लखनऊः उत्तर प्रदेश में 68,236 राज्य कर्मचारियों की सैलरी फिलहाल रोक दी है. यह सब वह सरकारी कर्मचारी हैं, जिन्होंने अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी  'मानव संपदा पोर्टल' अपलोड नहीं की है. प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी सरकारी कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी अर्जित सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर लोड करने का कई बार निर्देश दिया था. इसके बाद भी 68,236 राज्य कर्मचारियों ने इस पोर्टल पर अपनी सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा लोड नहीं किया. जिसके चलते इन  68,236 सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है. अब जब यह कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड कर देंगे तब उनका वेतन जारी किया जाएगा.

इन कर्मियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्यौरा

ऐसा नहीं है कि यह पहली बार है, जब यूपी में सरकारी कर्मचारियों का वेतन पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा लोड न करने के चलते रोका गया है. पिछले साल भी ऐसा हुआ था, तब कर्मचारियों को चेतावनी देकर उनका वेतन जारी किया गया था. इस साल ऐसा ना हो, इसके लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्ष तथा कार्यालयाध्यक्षों को पत्र लिखकर यह निर्देश दिया था कि सभी राज्य कर्मी 31 जनवरी 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा लोड करें, अन्यथा उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा.

मुख्य सचिव के इस निर्देश के बाद भी मानव संपदा पोर्टल पर 68,236 राज्य कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा लोड नहीं किया. मुख्य सचिव के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 8.18 लाख राज्य कर्मियों में से प्रथम श्रेणी के 13,236 कर्मियों में से 11,001 ने 31 जनवरी तक अपनी चल अचल संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड किया.

इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी के 41,270 कर्मियों में से 35,526 ने  31 जनवरी तक अपनी चल अचल संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड किया. इस आंकड़ो के हिसाब से प्रथम श्रेणी के 83.11 प्रतिशत और द्वितीय श्रेणी 86.08 प्रतिशत अफसरों ने भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड किया.

जबकि तृतीय श्रेणी कर्मियों 95.97 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी 92.66 प्रतिशत कर्मियों ने अपने संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर लोड किया. इन आंकड़ो के आधार पर सरकार ने पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा लोड ना करने वाले कर्मियों का वेतन रोक दिया है.

अब ऐसे मिलेगा रुका हुआ वेतन

राज्य के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज के अनुसार, जिन कार्मिकों ने विधिवत संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर नहीं दिया है उन्हें जनवरी का वेतन फरवरी में नहीं मिलेगा. संपत्ति बताने वाले कार्मिकों को ही वेतन का भुगतान करने संबंधी निर्देश छह जनवरी को मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से आहरण वितरण अधिकारियों(डीडीओ) को दिए गए थे.

ऐसे में अब संपत्ति का ब्यौरा दिए बिना किसी को वेतन मिलने पर डीडीओ से जवाब-तलब कर कार्रवाई की जाएगी. सूबे के सभी 587 आईएएस ने स्पैरो (स्मार्ट परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकार्डिंग आनलाइन विंडो) पोर्टल के माध्यम से अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है. जिन कर्मियों ने अभी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है, वह पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा लोड करें, उसके बाद ही उनके विभागाध्यक्ष के संस्तुति के बाद ऐसे कर्मियों का वेतन जारी किया जाएगा. 

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