बेंगलुरु के स्टार्टअप के साथ 25,000 करोड़ रुपये कागजी एमओयू निरस्त?, एक्शन में सीएम योगी, नपेंगे कई अधिकारी
By राजेंद्र कुमार | Updated: March 27, 2026 17:09 IST2026-03-27T17:08:31+5:302026-03-27T17:09:34+5:30
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कृत्रिम मेधा अवसंरचना विकसित करने के लिए स्टार्टअप पुच एआई के साथ हस्ताक्षर किये गये 25,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) को रद्द कर दिया है.

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लखनऊः बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी पूछ एआई के साथ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए 25 हजार करोड़ रुपए के एमओयू (समझौता ज्ञापन) को इन्वेस्ट यूपी ने निरस्त कर दिया है. इस एमओयू को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देश भर में खूब किरकिरी हुई थी. मुख्यमंत्री योगी खुद सोशल मीडिया पर सफाई देनी पड़ी थी. यहीं नहीं पूछ एआई के साथ हुए एमओयू को लेकर इन्वेस्ट यूपी के अफसरों को जांच करने के आदेश भी जारी करने पड़े थे. इन्वेस्ट यूपी के सीओ विजय किरन आनंद के मुताबिक पूछ एआई कंपनी की वित्तीय साख संदिग्ध पाए जाने पर कंपनी के निर्देशकों से जरूरी दस्तावेजों मांगे गए थे.
As per standard protocols laid by State Government, the MoU signed with Puch AI on 23 Mar 2026 was reviewed.
— INVEST UP (@_InvestUP) March 26, 2026
Necessary details as per SOP were sought from the investor, but they failed to provide them timely. Due diligence showed lack of net worth and credible financial…
यह दस्तावेज पूछ एआई के संस्थापक सिद्धार्थ भाटिया ने सरकार को उपलब्ध नहीं कराए तो पूछ एआई से चार दिन पहले किए गए 25,000 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू रद्द कर दिया गया. अब यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में इन्वेस्ट यूपी के कुछ कर्मचारियों पर भी गाज गिरेगी क्योंकि पूछ एआई के साथ एमओयू करने के पहले इस कंपनी की वित्तीय साख की जांच करने में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मुख्यमंत्री की देश भर में फजीहत हुई.
इस तरह रद्द हुआ एमओयू
उल्लेखनीय है कि गत सोमवार को प्रदेश सरकार ने एआई पार्क की स्थापना के लिए पूछ एआई के साथ 25 हजार करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू साइन किया था. इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर दी. इसकी के बाद सोशल मीडिया पर पूछ एआई की वितीय हैसियत को लेकर सवाल खड़े किए गए.
लिखा गया यूपी सरकार ने करीब 50 लाख रुपए के सलाना टर्नओवर वाली कंपनी के साथ 25 हजार करोड़ रुपए का एमओयू साइन किया है. इस तरह की जानकारी सामने आने पर प्रदेश सरकार बैकफुट पर आई और मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर यह लिखा कि अगर इस कंपनी की क्षमता काम करने की नहीं है तो उसके साथ किया गया करार निरस्त किया जाएगा.
सीएम योगी के ऐलान के बाद भी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया था. अखिलेश ने यहां तक कह दिया था कि पूछ एआई से ही पूछ लेते कि उसकी क्षमता कितनी है. अखिलेश ने यह भी कहा कि यूपी सरकार एमओयू और निवेश के नाम पर लोगों को गुमराह करने में जुटी है.
जबकि अजय राय ने प्रदेश सरकार से अब तक किए गए एमओयू की लिस्ट जारी करने की मांग योगी सरकार से की. इस मामले के तूल पकड़ते देख इन्वेस्ट यूपी के सीओ विजय किरन आनंद ने पूछ एआई के संस्थापक सिद्धार्थ भाटिया को एक नोटिस के जरिए कंपनी के बिजनेस प्लान के साथ-साथ वित्तीय स्थिति और डीपीआर के बारे में जानकारी मांगी थी.
सिद्धार्थ भाटिया को इस संबंध में तीन दिनों में दस्तावेज़ उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब न मिलने के कारण उसके साथ किया गया एमओयू रद्द कर दिया गया है.अब इस मामले में इन्वेस्ट यूपी के जिन अफसरों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ भी जल्दी की एक्शन लिया जाएगा. इन्वेस्ट यूपी के सीओ का यह कहना है.