US Tariff On India: भारत पर अब 18 के बजाय 10 प्रतिशत टैरिफ?, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा- ‘कुछ नहीं बदलेगा’ और शुल्क देना होगा, राहुल गांधी बोले-फिर समर्पण
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 21, 2026 13:34 IST2026-02-21T13:34:09+5:302026-02-21T13:34:53+5:30
US Tariff On India: दुनिया भर के देशों पर लगाए गए अपने व्यापक टैरिफ को रद्द करने के अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले की कड़ी आलोचना की।

file photo
वाशिंगटन: अमेरिका में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देश में आयातित वस्तुओं पर नया वैश्विक शुल्क लगाए जाने की घोषणा के बाद भारत पर अब 18 प्रतिशत के बजाय 10 प्रतिशत का शुल्क (टैरिफ) लागू होगा। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कई देशों के खिलाफ लगाए गए व्यापक शुल्क वृद्धि के आदेशों को रद्द कर दिया। माना जा रहा है कि इससे ट्रंप के आर्थिक एजेंडे को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने व्यापक शुल्कों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का फैसला आने पर कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में ‘‘कुछ नहीं बदलेगा’’ और भारत को शुल्क देना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को समाप्त कराने के लिए शुल्क का इस्तेमाल किया।
साथ ही उन्होंने दुनिया भर के देशों पर लगाए गए अपने व्यापक टैरिफ को रद्द करने के अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले की कड़ी आलोचना की। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ‘टैरिफ’ को शुक्रवार को रद्द कर दिया और न्यायमूर्ति ब्रेट केवानॉ ने अपने असहमति वाले फैसले में रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाये गए शुल्क (टैरिफ) का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने फिर ‘समर्पण’ करेंगे: राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले की पृष्ठभूमि में शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व्यापार समझौते को लेकर दोबारा बातचीत नहीं कर सकते और फिर समर्पण कर देंगे। कांग्रेस ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व्यापार समझौते पर अमेरिका से दोबारा बातचीत नहीं कर सकते।
वह फिर से समर्पण कर देंगे। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक शुल्क को खारिज कर दिया, जिससे ट्रंप के आर्थिक एजेंडे को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो टूक कहना चाहिए कि अमेरिकी पक्ष से स्पष्टीकरण आने तक भारत की तरफ से आयात उदारीकरण नहीं होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को इस समझौते पर अमेरिका के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लाखों किसानों की आजीविका पर नकारात्मक असर नहीं हो।
भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी न्यायालय के फैसले और नए आदेश के बाद 10 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क: निर्यातक
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक शुल्कों को रद्द किए जाने और अमेरिका की ओर से 10 प्रतिशत का अस्थायी आयात शुल्क लगाने के नए आदेश के बाद अब भारतीय वस्तुओं पर 24 फरवरी से केवल 10 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगेगा, जिससे पहले के मुकाबले बोझ काफी कम हो जाएगा।
अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 6-3 के बहुमत से दिए फैसले में कहा कि राष्ट्रपति द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक शुल्क कानून के दायरे से बाहर थे। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा। इसे ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आर्थिक एजेंडे के लिए झटका माना जा रहा है।
आईवाईसी के प्रदर्शन के विरोध में बीजेवाईएम का राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने 'एआई इम्पैक्ट समिट' में कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं द्वारा 'शर्ट उतारकर किए गए प्रदर्शन' के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदर्शनकारियों ने सुनेहरी बाग रोड पर गांधी के आवास के पास पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड के पास एक पुतला फूंका और "देशद्रोहियों को गोली मारो" के नारे लगाए।