केंद्रीय बजट से यूपी को मिलेंगे 4.26 लाख करोड़ रुपए, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं को नई गति

By राजेंद्र कुमार | Updated: February 2, 2026 16:46 IST2026-02-02T16:45:13+5:302026-02-02T16:46:09+5:30

केंद्रीय करों में मिलने वाली  हिस्सेदारी, कैपिटल असिस्टेंस, केंद्र प्रायोजित योजनाओं में हिस्सेदारी, सेंट्रल सेक्टर और वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि भी  शामिल है.

UP get Rs 4-26 lakh crore Union Budget giving new impetus road, health, education, urban development and rural schemes | केंद्रीय बजट से यूपी को मिलेंगे 4.26 लाख करोड़ रुपए, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं को नई गति

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Highlights2.69 लाख करोड़ रुपए प्रदेश सरकार के खजाने में आएंगे.स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं को नई गति मिलेगी.सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने में प्रदेश को मदद मिलेगी.

लखनऊः केंद्र सरकार द्वारा रविवार को पेश किए गए आम बजट से उत्तर प्रदेश को करीब 4.26 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे. कुल मिलाकर कहा जाए तो यूपी पर केंद्रीय बजट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही रूप में कृपा बरसी है. सबसे बड़ी धनराशि केंद्रीय करों व शुल्कों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 2.69 लाख करोड़ रुपए प्रदेश सरकार के खजाने में आएंगे.

वित्त विभाग के अफसरों के अनुसार, अलग-अलग मदों के रूप में राज्य सरकार को मिलने वाली करीब 4.26 लाख करोड़ रुपए की धनराशि पिछले बजट की तुलना में 25 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है. इसमें केंद्रीय करों में मिलने वाली  हिस्सेदारी, कैपिटल असिस्टेंस, केंद्र प्रायोजित योजनाओं में हिस्सेदारी, सेंट्रल सेक्टर और वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि भी  शामिल है.

वित्त मंत्री के मुताबिक, केंद्रीय करों में यूपी का हिस्सा

प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का कहना है कि आम बजट से मिलने वाली इस धनराशि से प्रदेश सरकार को विकास कार्यों को तेज करने और जनकल्याण योजनाओं को विस्तार देने में बहुत मदद मिलेगी. उक्त धनराशि से उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं को नई गति मिलेगी.

खास तौर पर एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाएं, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं के लिए यह फंड अहम साबित होगा. सुरेश खन्ना के मुताबिक केंद्रीय करों व शुल्कों में राज्यों के लिए आवंटित कुल धनराशि में से राज्य की हिस्सेदारी 17.619 प्रतिशत बनती है. जिससे राज्य को कारपोरेशन टैक्स से 78,939.30 करोड़ रुपए ,इनकम टैक्स से 95,698.13 करोड़ रुपए , सेंट्रल जीएसटी से 73,546.95 करोड़ रुपए , कस्टम से 14,347.21 करोड़ रुपए , यूनियन एक्साइज ड्यूटी से 6111.89 करोड़ रुपए तथा अन्य करों व शुल्कों से 267.28 करोड़ रुपए मिलेंगे.

इसके अलावा स्पेशल कैपिटल असिस्टेंस फॉर स्टेट स्कीम के तहत मिलने वाले फंड में 20 हजार करोड़ रुपए आएंगे. पिछले वर्ष 18 हजार करोड़ रुपए मिले थे. इस स्कीम के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि ब्याज मुक्त होती है, जिसकी वापसी का समय 50 वर्ष है. इस बड़ी धनराशि से प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा दी जा सकेगी.

पूंजीगत व्यय (विकास कार्य) में वृद्धि से राज्य में एक्सप्रेस वे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब, शहरी आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी और यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में भी बड़ी मदद मिलेगी.

वित्त मंत्री का दावा

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, केंद्रीय बजट से प्रदेश के आईटी, बीपीओ और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेक्टर को बड़ी राहत मिली है. जीएसटी कानून की धारा 13(8) से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है, इससे विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं पर लग रहा 18 प्रतिशत जीएसटी समाप्त हो जाएगा. प्रदेश के लिए यह लाभप्रद साबित होगा. इसी प्रकार आम बजट में सोलर, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-मोबिलिटी से जुड़ी कस्टम ड्यूटी एवं आयात शुल्क में रियायतों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने में प्रदेश को मदद मिलेगी.

15 पुरातात्विक महत्व के स्थलों में प्रदेश के वाराणसी का सारनाथ और मेरठ का हस्तिनापुर शामिल किए जाने से प्रदेश के सांस्कृतिक पर्यटन विकास को गति मिलेगी. प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए केंद्र से 10 हजार करोड़ मिलने से सड़क और पुलों के निर्माण में तेजी आएगी.

केंद्रीय बजट विजनरी और समावेशी : सीएम योगी

केंद्रीय बजट के पेश होने के 24 घंटे बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों को आम बजट की उपलब्धियां बताई. इसी क्रम में सीएम योगी ने केंद्रीय बजट को विजनरी और समावेशी बताया. इस विजनरी बजट के लिए सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया.

फिर सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्ष के अंदर पीएम के नेतृत्व में नीतियां केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर उतरीं हैं. इसका परिणाम है कि 11 साल में 25 करोड़ की आबादी गरीबी रेखा से ऊपर उठी और भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है. इसकी वजह प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीतियां हैं और समावेशी बजट का होना है.

सीएम योगी का दावा

करीब एक घंटे तक सीएम योगी ने केंद्रीय बजट को लेकर अपने विचार पत्रकारों के समक्ष रखे. उन्होने कहा कि केंद्रीय बजट में  बजट में रिफॉर्म, ग्रोथ और भौतिक अनुशासन स्पष्ट रूप से देखने को मिला है. यह बजट आने आने वाली पीढ़ी को जोड़ने वाला है,इसलिए इसे जनरेशन चेंज बजट कहा जा रहा है.

सीएम योगी के मुताबिक केंद्रीय बजट में हर नागरिक के लिए अपने मूल कर्तव्यों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है. बजट में किसान, युवा, महिला और गरीब सभी पक्षों को ध्यान में रखा गया है. देश के सबसे बड़ी आबादी वाले उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति भी इस बजट से हुई है.

एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का बजट यूपी को दिया गया. यूपी के पास 96 लाख से ज्यादा एमएसएमई यूनिट हैं. 10 हजार करोड़ का बजट ओडीओपी के लिए काफी फायदेमंद होगा. इस धनराशि से  उद्योगों को डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग के साथ आगे बढ़ाएंगे.

यह दावा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि  बजट से मिली धनराशि से प्रदेश में रोजगार, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर प्रदान होंगे. और यह बजट उत्तर प्रदेश के लिए न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर का बल्कि समावेशी विकास का मजबूत आधार साबित होने जा रहा है. यह दावा करते हुए सीएम योगी ने बीते आठ वर्षों में यूपी में किए गए कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया. 

Web Title: UP get Rs 4-26 lakh crore Union Budget giving new impetus road, health, education, urban development and rural schemes

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