क्या है ‘शी मार्ट’?, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को दिया नया तोहफा?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 1, 2026 14:01 IST2026-02-01T14:00:17+5:302026-02-01T14:01:06+5:30

निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘ लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, मैं महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से उद्यमों की मालिक बनने की दिशा में अगला कदम उठाने में मदद करने का प्रस्ताव करती हूं।’’

Union Budget 2026 Sitharaman announces She-MART retail outlets Finance Minister Nirmala gave new gift women | क्या है ‘शी मार्ट’?, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को दिया नया तोहफा?

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Highlightsस्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों के लिए ‘‘उद्यमों के मालिक’’ बनने की दिशा में ‘‘अगला कदम’’ बताया।संघों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकान के रूप में स्थापित किया जाएगा।एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय को एक लाख रुपये तक पहुंचाना है।

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि ‘लखपति दीदी योजना’ की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों के लिए सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकानें स्थापित की जाएंगी। लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों के लिए ‘‘उद्यमों के मालिक’’ बनने की दिशा में ‘‘अगला कदम’’ बताया।

सीतारमण ने कहा, ‘‘ लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, मैं महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से उद्यमों की मालिक बनने की दिशा में अगला कदम उठाने में मदद करने का प्रस्ताव करती हूं।’’ स्वयं सहायता उद्यमी - शी मार्ट को उन्नत एवं नवोन्मेषी वित्त साधनों के माध्यम से संकुल-स्तरीय संघों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकान के रूप में स्थापित किया जाएगा।

लखपति दीदी, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की वह महिला सदस्य होती है जिसकी वार्षिक घरेलू आय कम से कम एक लाख रुपये हो। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अब तक दो करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और लक्ष्य 2027 तक तीन करोड़ महिला एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय को एक लाख रुपये तक पहुंचाना है।

सरकार की रीट के जरिये सार्वजनिक उपक्रमों की संपत्तियों को बाजार में चढ़ाने की योजना

सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के स्वामित्व वाली अचल संपत्तियों को बाजार में चढ़ाने या मौद्रीकरण में तेजी लाने के लिए समर्पित रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) की स्थापना का बजट में रविवार को प्रस्ताव रखा। रीट निवेश के ऐसे साधन हैं जो आय उत्पन्न करने वाली अचल संपत्ति के मालिक होते हैं या उसका संचालन करते हैं।

इससे निवेशकों को सीधे संपत्ति खरीदे बिना उत्पन्न आय का एक हिस्सा अर्जित करने में मदद मिलती है। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘ पिछले कुछ वर्षों में, रियल एस्टेट निवेश (रीट) परिसंपत्ति मौद्रीकरण के एक सफल साधन के रूप में उभरे हैं। मैं समर्पित रीट की स्थापना के माध्यम से सीपीएसई की महत्वपूर्ण रियल एस्टेट संपत्तियों के पुनर्चक्रण में तेजी लाने का प्रस्ताव करती हूं।’’

भारत में वर्तमान में पांच सूचीबद्ध रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क्स रीट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रीट, नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट और नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट है। नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट को किराये से आय देने वाली खुदरा संपत्तियों (शॉपिंग मॉल) का समर्थन प्राप्त है, जबकि अन्य चार कार्यालय रीट हैं।

सरकार ने रविवार को प्रसंस्कृत समुद्री खाद्य उत्पादों और चमड़े या सिंथेटिक जूतों के निर्यात में उपयोग होने वाले विशिष्ट कच्चे माल के लिए 'शुल्क मुक्त आयात सीमा' बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। समुद्री खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए, इस सीमा को पिछले वर्ष के निर्यात कारोबार के एफओबी (फ्री ऑन बोर्ड) मूल्य के मौजूदा एक प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत किया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘मैं चमड़े या सिंथेटिक जूतों के निर्यात के लिए वर्तमान में उपलब्ध विशिष्ट कच्चे माल के शुल्क मुक्त आयात की सुविधा को अब जूतों के ऊपरी हिस्से के निर्यात के लिए भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव करती हूं।’’

इसके अलावा, वित्त मंत्री ने चमड़े या कपड़ा परिधानों, चमड़े या सिंथेटिक जूतों और अन्य चमड़ा उत्पादों के निर्यातकों के लिए अंतिम उत्पाद के निर्यात की समयसीमा को मौजूदा छह महीने से बढ़ाकर एक साल करने की भी घोषणा की।

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