लाइव न्यूज़ :

उज्ज्वला सिंहानिया बनीं फिक्की एफएलओ की नयी राष्ट्रीय अध्यक्ष

By भाषा | Updated: May 4, 2021 17:55 IST

Open in App

नयी दिल्ली, चार मई उज्ज्वला सिंहानिया को फिक्की महिला संगठन (एफएलओ) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

चेंबर ने एक बयान में कहा कि उज्ज्वला महिलाओं के लिए उद्यमिता, उद्योग में भागादारी एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले वातावरण के निर्माण में मदद कर महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देंगी।

उज्ज्वला ने कहा, "मैं 19 साल से ज्यादा समय से महिलाओं के इस संगठन का हिस्सा रही हूं और संगठन का सामूहिक लक्ष्य अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, कौशल, अनुभव एवं ऊर्जा का प्रदर्शन करने के लिए महिलाओं को बढ़ावा देना और उनकी मदद करना है।"

उज्ज्वला जेके इंटरनेशनल कंपनी में निदेशक हैं। यह कंपनी निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल के जरिए निवेश करती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs MI: राजस्थान रॉयल्स का IPL 2026 में अजेय अभियान जारी, मुंबई इंडियंस को 27 रनों से हराया, शीर्ष पर पहुंची

क्रिकेटयशस्वी जायसवाल ने MI के गेंदबाजों की उखेड़ी बखिया, छक्के लगाकर 'सेंचुरी ऑफ़ मैक्सिमम्स' क्लब में हुए शामिल

क्रिकेटRR vs MI: वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह को भी नहीं बख़्शा, एमआई पेसर को जड़े 2 छक्के | VIDEO

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?