लाइव न्यूज़ :

वर्ष 2022 में बिजली कंपनियों के लिए व्यापक भुगतान सुरक्षा पर होगा जोर

By भाषा | Updated: December 21, 2021 17:11 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 21 दिसंबर बिजली उत्पादन कंपनियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 2022 में व्यापक भुगतान सुरक्षा तंत्र पर जोर दिया जाएगा।

इस समय बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को उत्पादन इकाइयों को 1.56 लाख करोड़ रुपये चुकाने हैं।

लंबे समय से यह बहस का मुद्दा रहा है कि उत्पादन कंपनियों के भारी बकाए के कारण बिजली क्षेत्र में संपूर्ण मूल्य श्रृंखला प्रभावित हो रही है और यह देश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए एक बाधा है। गौरतलब है कि बिजली उत्पादन के लिए कोयले का भुगतान अग्रिम रूप से किया जाता है।

यह स्थिति इस तथ्य के बावजूद बनी हुई है कि बिल बनाने के 45 दिनों के बाद डिस्कॉम को बकाया राशि पर दंडात्मक ब्याज का भुगतान करना पड़ता है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमने कारोबारी सुगमता और जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए नियम और प्रक्रियाएं तैयार की हैं। सुधारों के चलते हमारा क्षेत्र अधिक वृद्धि के लिए तैयार है और अगले वर्ष अधिक सुधार होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अधिक भुगतान सुरक्षा देने के लिए इस महीने कुछ नियम लाए जाएंगे। बिजली उत्पादन कंपनियों के लिए व्यापक भुगतान सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा।’’

बिजली मंत्री की टिप्पणी से यह भी पता चलता है कि सरकार डिस्कॉम के बढ़ते बकाया के बारे में चिंतित है। आर्थिक गतिविधियों में सुधार और बिजली की मांग बढ़ने के बावजूद वितरण कंपनियां दवाब में हैं, जिसके लिए काफी हद तक वे खुद जिम्मेदार हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस वर्ष (2022) कोविड हमें प्रभावित नहीं करेगा।’’

उन्होंने इस महीने की शुरुआत में लोकसभा को बताया था कि डिस्कॉम खरीदी गई बिजली के लिए भुगतान करने में सक्षम नहीं है और ऐसे में उत्पादन कंपनियों का बकाया 1,56,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

सिंह ने यह भी उल्लेख किया था कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाले अधिकतर डिस्कॉम की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।

इस साल भारी बारिश के कारण घरेलू कोयले की आपूर्ति में रुकावट आई, जो अक्टूबर 2021 के पहले सप्ताह तक जारी रही। इसके साथ ही आयातित कोयले की कीमतों में वृद्धि हुई। इससे बिजली क्षेत्र भी प्रभावित हुआ।

अप्रैल-जून में कोविड महामारी की दूसरी लहर के कारण उत्पादन और सामान की आवाजाही प्रभावित हुई।

ऐसे में मंत्रालय ने बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति में सुधार के लिए कई उपाय किए, जिसमें इस ईंधन के आयात की अनुमति भी शामिल है।

हाल में स्थिति की समीक्षा करने और बिजली संयंत्रों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोयला, बिजली, पर्यावरण मंत्रालयों के सचिवों और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की एक अंतर मंत्रालयी समिति का गठन किया गया।

एक विशेषज्ञ ने कहा कि सरकार ने बिजली संयंत्रों में कोयले के भंडार को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन 2022 में ये कितने प्रभावी होंगे, यह अगली गर्मियों में ही पता चल सकेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी ने छीनी केकेआर से जीत, पहली IPL फिफ्टी जड़कर एलएसजी को 3 विकेट से जिताया मैच

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी की शानदार हीरोइक्स ने रोमांचक आखिरी ओवर के मुकाबले में KKR से मैच छीनी

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारसावधानीपूर्वक निवेश से ठोस संपत्ति की ओर: निश्चित आय वालों का भूखंड की ओर बढ़ता रुझान

कारोबारबरसात और ओलावृष्टि से 2 करोड़ किसान प्रभावित?, आपदाग्रस्त घोषित करने की तैयारी कर रही योगी सरकार

कारोबारDisney Layoffs: आर्थिक अनिश्चितता के बीच डिज़्नी 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी में

कारोबारIncome Tax Rules 2026: नए कानून के वे सेक्शन जो आपकी जेब पर असर डालेंगे? पूरी जानकारी यहां

कारोबारVerSe Innovation ने प्रसन्ना प्रसाद को CPTO नियुक्त किया, कंपनी के AI विजन को देंगे नई रफ्तार