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कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक रुख से तय होगी बाजार की दिशा : विश्लेषक

By भाषा | Updated: October 17, 2021 14:32 IST

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नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों तथा वैश्विक संकेतकों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।

इस समय शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं।

सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा, ‘‘कंपनियों के तिमाही नतीजे इस सप्ताह शेयर बाजारों का रुख तय करेंगे। इस सप्ताह सभी की निगाह इनपर रहेगी। इसके अलावा दलाल स्ट्रीट की निगाह कंपनियों के प्रबंधन की भविष्य की आमदनी के अनुमान पर रहेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी उम्मीद है कि कंपनियां पिछली तिमाही से शुरू हुई अपनी रफ्तार को दूसरी तिमाही में भी कायम रखेंगी। ऐसे में कंपनियों के नतीजे अनुकूल या प्रतिकूल रहने का असर निवेशकों पर दिखाई देगा।’’

इस सप्ताह अल्ट्राटेक सीमेंट, एसीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर लि., एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान जिंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, साउथ इंडियन बैंक, फेडरल बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजे आने हैं।’’

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘यदि हम इस सप्ताह के लिए संकेतकों की बात करें, तो तिमाही नतीजों का दबदबा रहेगा। सोमवार को बाजार एचडीएफसी बैंक और एवेन्यू सुपरमार्ट्स के नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा।’’

उन्होंने कहा कि इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, एसीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, एशियन पेंट्स, जेएसडब्ल्यू स्टील, एचडीएफसी लाइफ और रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे भी सप्ताह के दौरान आने हैं।’

उन्होंने कहा कि तिमाही नतीजों के अलावा बाजार वैश्विक रुख से भी दिशा लेगा।

बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,246.89 अंक या 2.07 प्रतिशत के लाभ में रहा। बृहस्पतिवार को सेंसेक्स ने पहली बार 61,000 अंक का स्तर पार किया।

शुक्रवार को दशहरा पर बाजार बंद रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आगामी दिनों में बैंकिंग क्षेत्र पर सभी की निगाह रहेगी। इस दौरान बैंकों के तिमाही नतीजों की शुरुआत होगी। कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत रहने से भारतीय बाजार में तेजड़िया दौड़ जारी रहने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा कि यदि नतीजे बाजार उम्मीद से अलग रहते हैं, तो लघु अवधि में संबंधित वर्ग में कुछ ‘करेक्शन’ भी आ सकता है।

इसके अलावा बाजार की निगाह रुपये के उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशको के रुख तथा ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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