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चालू वित्त वर्ष में लक्ष्य से अधिक रहेगा कर संग्रह : राजस्व सचिव

By भाषा | Updated: November 21, 2021 13:37 IST

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(जोएता डे)

नयी दिल्ली, 21 नवंबर सरकार चालू वित्त वर्ष 2021-22 में कर संग्रहण के लक्ष्य को पार कर जाएगी। राजस्व सचिव तरुण बजाज ने यह उम्मीद जताई है।

चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक सरकार का प्रत्यक्ष कर संग्रह छह लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष के दौरान प्रतिमाह औसत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये है।

बजाज ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार का कर संग्रहण चालू वित्त वर्ष के लिए बजट अनुमान से अधिक रहेगा।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कटौती तथा खाद्य तेल पर सीमा शुल्क में कमी से सरकारी खजाने पर चालू वित्त वर्ष में करीब 80,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। बजाज ने कहा कि राजस्व विभाग दिसंबर के अग्रिम कर के आंकड़े सामने आने के बाद बजट अनुमान की तुलना में कर संग्रह की गणना शुरू करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘रिफंड के बाद भी अक्टूबर तक हमारा कर संग्रह करीब छह लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह अच्छा दिख रहा है। उम्मीद है कि हम बजट अनुमान को पार कर लेंगे।’’

बजाज ने कहा, ‘‘हालांकि, हमने पेट्रोल, डीजल और खाद्य तेल पर अप्रत्यक्ष करों में काफी राहत दी है। यह लाभ करीब 75,000 से 80,000 करोड़ रुपये का है। इसके बावजूद मुझे उम्मीद है कि हम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर दोनों में बजट अनुमान को पार करेंगे।’’

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में कर संग्रहण 22.2 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 9.5 प्रतिशत अधिक है। 2020-21 में कर संग्रह 20.2 लाख करोड़ रुपये रहा था।

कुल कर संग्रह में प्रत्यक्ष कर का हिस्सा 11 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसमें 5.47 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट कर और 5.61 लाख करोड़ रुपये का आयकर शामिल है।

माल एवं सेवा कर के बारे में बजाज ने कहा कि नवंबर का संग्रह अच्छा रहा है, लेकिन दिसंबर का आंकड़ा थोड़ा कम रहेगा। मार्च तिमाही में जीएसटी संग्रह फिर बढ़ेगा।

बजाज ने कहा, ‘‘जीएसटी संग्रह अच्छा है। अक्टूबर में हमने 1.30 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। इस महीने भी दिवाली की वजह से हमारा आंकड़ा अच्छा रहेगा।’’

उन्होंने कहा कि जीएसटी संग्रह का ‘रन रेट’ 1.15 लाख करोड़ रुपये से नीचे नहीं जाएगा।

चालू वित्त वर्ष में सीमा शुल्क संग्रह का लक्ष्य 1.36 लाख करोड़ रुपये और उत्पाद शुल्क संग्रह का लक्ष्ष्य 3.35 लाख करोड़ रुपये है।

इसके अलावा केंद्र का जीएसटी राजस्व (मुआवजा उपकर सहित) 6.30 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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