लाइव न्यूज़ :

सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद निजी क्षेत्र की नौकरी करना गंभीर कदाचार: सीवीसी

By भाषा | Updated: June 3, 2021 19:20 IST

Open in App

नयी दिल्ली, तीन जून केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने गुरुवार को कहा कि सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद अनिवार्य रूप से ‘शांत बैठने की अवधि’ पूरी किए बिना निजी क्षेत्र के संगठनों में नौकरी करना ‘‘गंभीर कदाचार’’ है।

आयोग ने अपने एक आदेश में यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद नौकरी देने से पहले सभी सरकारी संगठनों को अनिवार्य रूप से सीवीसी की मंजूरी लेनी चाहिए।

सीवीसी ने केंद्र सरकार के सभी विभागों के सचिवों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों को जारी आदेश में कहा, ‘‘यह देखा गया है कि कुछ अवसरों पर, सरकारी संगठनों से सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद सेवानिवृत्त अधिकारी निजी क्षेत्र के संगठनों में पूर्णकालिक नौकरी या संविदा पर काम कर रहे हैं।’’

इसमें आगे कहा गया कि अक्सर इस तरह की पेशकश को स्वीकर करने से पहले संबंधित संगठनों के नियमों के तहत निर्धारित शांत बैठने की अवधि समाप्त होने का इंतजार भी नहीं किया जाता।

आयोग ने कहा, ‘‘सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी अधिकारियों द्वारा तय शर्तों का पालन किये बिना पेशकश को स्वीकार करना, उनकी ओर से एक गंभीर कदाचार है।’’

आदेश में कहा गया कि सभी सरकारी संगठनों को अपने कर्मचारियों के लिए उचित नियम और दिशानिर्देश तैयार करने चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर्मचारियों द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद निजी क्षेत्र की संस्थाओं के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले अनिवार्य रूप से ‘कूलिंग अवधि’ का पालन किया जाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी ने छीनी केकेआर से जीत, पहली IPL फिफ्टी जड़कर एलएसजी को 3 विकेट से जिताया मैच

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी की शानदार हीरोइक्स ने रोमांचक आखिरी ओवर के मुकाबले में KKR से मैच छीनी

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारसावधानीपूर्वक निवेश से ठोस संपत्ति की ओर: निश्चित आय वालों का भूखंड की ओर बढ़ता रुझान

कारोबारबरसात और ओलावृष्टि से 2 करोड़ किसान प्रभावित?, आपदाग्रस्त घोषित करने की तैयारी कर रही योगी सरकार

कारोबारDisney Layoffs: आर्थिक अनिश्चितता के बीच डिज़्नी 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी में

कारोबारIncome Tax Rules 2026: नए कानून के वे सेक्शन जो आपकी जेब पर असर डालेंगे? पूरी जानकारी यहां

कारोबारVerSe Innovation ने प्रसन्ना प्रसाद को CPTO नियुक्त किया, कंपनी के AI विजन को देंगे नई रफ्तार