लाइव न्यूज़ :

कौन हैं डॉ. जितेंद्र शर्मा?, जीते कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 1, 2025 13:21 IST

भारतीय चिकित्सा प्रौद्योगिकी (MedTech) क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता से न केवल देश का नाम रोशन किया है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की स्थिति मजबूत की है।

Open in App
ठळक मुद्देनिर्माण और चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। देश के नागरिकों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगा।

नई दिल्लीः भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में एक नई दिशा देने वाले डॉ. जितेंद्र शर्मा को हाल ही में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। यूरोपीय संघ–भारत यंग लीडर्स अवॉर्ड, लौफ़मैन ग्रेटबैच अवॉर्ड और कस्टोडियन ऑफ ह्यूमैनिटी अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे गए डॉ. शर्मा ने भारतीय चिकित्सा प्रौद्योगिकी (MedTech) क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता से न केवल देश का नाम रोशन किया है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की स्थिति मजबूत की है।

डॉ. शर्मा, जो आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन के एमडी और संस्थापक सीईओ हैं, ने मेडिकल डिवाइस निर्माण और चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन (AMTZ) ने भारत को हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके माध्यम से भारतीय उद्योगों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। डॉ. शर्मा का मानना है कि चिकित्सा तकनीक में नवाचार भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को न केवल मजबूत करेगा, बल्कि यह देश के नागरिकों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगा।

उनकी कोशिशों से आंध्र प्रदेश ने वैश्विक स्तर पर मेडटेक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई है, जिससे भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। डॉ. शर्मा का जन्म 15 अगस्त 1981 को पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, व्रीजे यूनिवर्सिटी ऑफ एम्स्टर्डम और मात्स यूनिवर्सिटी से की है।

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुख्यालय जिनेवा में भी एक सलाहकार के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा, वे ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड में सहायक संकाय सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। डॉ. शर्मा का करियर 2004 में शुरू हुआ था और उन्होंने श्री सत्य साई अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में विभिन्न परियोजनाओं का संचालन किया।

आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन के सीईओ के रूप में, उन्होंने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई और भारतीय स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र को वैश्विक मानकों से जोड़ने के प्रयास किए।उनके द्वारा किए गए प्रयासों ने कई अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों को जन्म दिया, खासकर यूरोपीय संघ और भारत के बीच, जो हेल्थकेयर सेक्टर में दोनों देशों के बीच सहयोग को प्रगाढ़ बना रहे हैं।

उन्हें मिले पुरस्कार इन सब प्रयासों की परिणति हैं, जो उनकी दृढ़ संकल्प और समर्पण का प्रमाण हैं। उनके द्वारा स्थापित किये गए हेल्थकेयर तकनीकी मंचों, नवाचार और सामाजिक कल्याण के लिए किए गए प्रयासों ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई है। डॉ. शर्मा का मानना है कि हेल्थकेयर क्षेत्र में लगातार नवाचार और निवेश से ही भारत को एक स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र बनाने का सपना पूरा किया जा सकता है।

टॅग्स :पश्चिम बंगालकोलकाता
Open in App

संबंधित खबरें

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

क्रिकेटमैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और खाते में 1 डिमेरिट अंक?, आखिर क्यों सनराइजर्स हैदराबाद के उप कप्तान अभिषेक शर्मा पर आईपीएल ने लिया एक्शन

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित