राज्यों का कर्ज-जीडीपी अनुपात 2022-23 के लक्ष्य से कहीं अधिक रहने की आशंका: आरबीआई रिपोर्ट

By भाषा | Updated: December 1, 2021 19:48 IST2021-12-01T19:48:43+5:302021-12-01T19:48:43+5:30

States' debt-GDP ratio likely to exceed 2022-23 target: RBI report | राज्यों का कर्ज-जीडीपी अनुपात 2022-23 के लक्ष्य से कहीं अधिक रहने की आशंका: आरबीआई रिपोर्ट

राज्यों का कर्ज-जीडीपी अनुपात 2022-23 के लक्ष्य से कहीं अधिक रहने की आशंका: आरबीआई रिपोर्ट

मुंबई, एक दिसंबर राज्यों का संयुक्त रूप से ऋण-जीडीपी अनुपात मार्च, 2022 के अंत तक 31 प्रतिशत पर बने रहने का अनुमान है। यह 2022-23 तक इसे 20 प्रतिशत पर लाने के लक्ष्य से कहीं अधिक है, जो चिंताजनक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

रिजर्व बैंक के सालाना प्रकाशन ‘राज्य वित्त: 2021-22 के बजट का एक अध्ययन’ में यह भी कहा गया है कि चूंकि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का प्रभाव अब काफी हद तक समाप्त हो गया है, ऐसे में राज्य सरकारों को कर्ज स्थिरता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने की आवश्यकता है।

इसमें कहा गया है, ‘‘राज्यों का संयुक्त रूप से कर्ज-जीडीपी अनुपात मार्च, 2021 में 31 प्रतिशत था और मार्च, 2022 के अंत तक इसके इसी स्तर पर बने रहने की आशंका है। यह एफआरबीएम (राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन) समीक्षा समिति की सिफारिशों के अनुसार 2022-23 तक 20 प्रतिशत पर लाने के लक्ष्य से कहीं अधिक है, जो चिंताजनक है।’’

15वें वित्त आयोग ने महामारी के कारण नरमी को देखते हुए कर्ज-जीडीपी अनुपात 2022-23 में 33.3 प्रतिशत के उच्च स्तर तक जाने की आशंका जतायी है। इसका कारण 2020-21, 2021-22 और 2022-23 मे उच्च घाटे का होना है। आयोग ने उसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने और 2025-26 तक 32.5 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021-22 के लिये राज्यों का एकीकृत सकल राजकोषीय घाटा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 3.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 15वें वित्त आयोग के चार प्रतिशत के अनुमान से कम है। यह राज्य सरकारों की राजकोषीय मजबूती की मंशा को बताता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यम अवधि में राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति का बेहतर होना बिजली क्षेत्र में सुधारों पर निर्भर करेगा। यह सिफारिश 15वें वित्त आयोग ने की है और केंद्र ने भी यह स्पष्ट किया है। इन सुधारों में चोरी पर लगाम लगाना और बिजली वितरण कंपनियों के नकदी दबाव को टिकाऊ व्यवस्था के जरिये दूर कर उनकी वित्तीय स्थिति बेहतर करना शामिल हैं।

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Web Title: States' debt-GDP ratio likely to exceed 2022-23 target: RBI report

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