लाइव न्यूज़ :

आयातित तेल महंगा किये जाने से सोयाबीन डीगम, सीपीओ सहित सभी तेल कीमतों में सुधार

By भाषा | Updated: December 5, 2020 18:33 IST

Open in App

नयी दिल्ली, पांच दिसंबर भारत में पामतेल का आयात शुल्क कम किये जाने के बाद इंडोनेशिया में इस पर इस पर निर्यात शुल्क में वृद्धि से सभी जगह सीपीओ के भाव चढ़ गये है। इस तेजी का असर बाकी तेल तिलहन कीमतों पर होने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में पाम तेल, सोयाबीन, सरसों तेल, बिनौला सहित सभी तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने कच्चे पॉम तेल पर आयात शुल्क में 10 प्रतिशत कटौती की लेकिन भाव कम होने के बजाय बढ़ गये हैं। इसकी वजह है कि निर्यातक देशों ने भारत जैसे प्रमुख आयात देशे में शुल्क घटने के साथ ही इस पर निर्यात शुल्क और लेवी बढ़ा दिया। परिणामस्वरूप आयातकों, तेल उद्योग, उपभोक्ताओं और किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ। इंडोनेशिया में निर्यात शुल्क बढ़ाने का असर बाकी तेलों पर भी दिखा जिससे उनकी कीमतों में सुधार है।

उन्होंने कहा कि वायदा कारोबार में भाव टूटने से आयातकों को लगभग आठ प्रतिशत का नुकसान है।

सूत्रों ने कहा कि जयपुर की मंडी में सरसों का हाजिर भाव लगभग 6,135 रुपये क्विन्टल है जबकि वायदा कारोबार में इसका भाव लगभग 5,800 रुपये चल रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्था- हाफेड और नाफेड संभवत: वायदा कारोबार के भाव को देखकर ही बिक्री करती है और बड़े सटोरिये इन संस्थाओं का माल हड़पने के लिए वायदा कारोबार में जानबूझकर भाव तोड़ती हैं।

सूत्रों ने कहा कि हाफेड और नाफेड को सरसों की बिक्री बिल्कुल रोक देनी चाहिये क्योंकि वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की कीमतों में सुधार को देखते हुए देश में दिसंबर, जनवरी और फरवरी महीने के दौरान कुल लगभग 20 लाख टन सरसों की मांग होगी और सहकारी संस्थाओं के पास लगभग डेढ़ दो लाख टन का ही स्टॉक रह गया है। मौसम सामान्य रहा है तो सरसों की अगली पूरी फसल मंडी तक 15 मार्च के बाद आयेगी और ऐसे में सरसों के स्टॉक को बचा कर रखने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि ब्लेंडिंग के लिए सोयाबीन डीयो का इस्तेमाल काफी कम होने के आसार हैं क्योंकि इनके भाव सरसों के लगभग बराबर हैं। उन्होंने कहा कि सरसों की अगली फसल अच्छा रहने के आसार है और साफ्ट आयल के महंगा होने से सरसों की पूरी खपत देश के बाजार में हो जायेगी।

हल्के तेलों के महंगा होने से बिनौला की मांग बढ़ गई जिससे इसकी कीमतों में सुधार आया।

उन्होंने कहा कि अर्जेन्टीना में शुक्रवार से सोयाबीन डीगम का मूल्य 30 डॉलर प्रति टन बढ़ गया है, इससे देश के बाजारों में 225 रुपये प्रति क्विन्टल की वृद्धि हुई है। इससे सोयाबीन के बाकी तेलों के भाव में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि विदेशों से आयात करने पर देश में मौजूदा आयात शुल्क लगाकर आयात का खर्च सीपीओ के लिए 94 रुपये किलो और सोयाबीन डीगम के लिए 110 रुपये किलो बैठता है। जबकि बाजार में सीपीओ का भाव 90 रुपये किलो और सोयाबीन डीगम का भाव 103.70 रुपये किलो आता है। उन्होंने कहा कि वायदा कारोबार के मंच का दुरुपयोग कर बड़े विदेशी कंपनियों द्वारा इतना बेपड़ता कारोबार (आयात भाव के मुकाबले कम दाम पर बेचने से) करने से देश के आयातक भारी नुकसान में हैं।

इस बीच महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के हवाले से कहा जा रहा है कि राज्य सरकार सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क बढाने की केंद्र से मांग कर सकती है ताकि स्थानीय किसानों को सोयाबीन का बेहतर मूल्य मिल सके।

तेल उद्योग के सूत्रों के अनुसार भारत का सोयाबीन तेल-वायदा बाजार में फरवरी और मार्च के खड़े सौदे क्रमश: 1950 और 85 टन के है और इसके भाव विदेशों से आठ प्रतिशत नीचे है। शिकागो वायदा बाजार में जनवरी और मार्च के खड़े सौदे 72 लाख के हैं। ऐसे स्थानीय वायदा बाजार मूल्य खोज के लिए कारगर साबित नहीं हो रहा है।

सूत्रों ने कहा कि तेल तिलहन उद्योग की आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है कि वायदा कारोबार में धांधली करने वालों पर लगाम कसी जाये।

तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 6,225 - 6,275 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,385- 5,435 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,100 - 2,160 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,885 - 2,035 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,005 - 2,115 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,600 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,300 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 10,370 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,000 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,100 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,500 रुपये।

पामोलीन कांडला- 9,600 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,550 - 4,600 लूज में 4,385 -- 4,415 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतJammu-Kashmir: आतंकियों से सांठ-गांठ के चलते गई नौकरी, 2 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त; अब तक 90 अधिकारी

भारतWest Bengal Polls 2026: ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से नामांकन दाखिल किया, जानें चुनावी समीकरण

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

क्रिकेटDC vs GT, IPL 2026: दिल्ली में बादलों का डेरा, जानें DC vs GT मैच में बारिश खेल बिगाड़ेगी या नहीं?

कारोबारRBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने 5.25% को रखा बरकरार; नहीं बढ़ेगी आपकी ईएमआई

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें भारत में ईंधन की कीमतों को कितना मिलेगा फायदा

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम