लाइव न्यूज़ :

सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा ‘नियम सबके लिए समान होना चाहिये’ उसे भी मिले क्षतिपूति सुरक्षा: सूत्र

By भाषा | Updated: June 3, 2021 22:59 IST

Open in App

नयी दिल्ली, तीन जून प्रमुख घरेलू टीका विनिर्माता कंपनी, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा कि उसे भी कोविड टीका दायित्व के तहत क्षतिपूर्ति सुरक्षा मिलनी चाहिये। उसका कहना है कि सभी कंपनियों के लिए नियम समान होने चाहिए। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

यह घटनाक्रम फाइजर और मॉडेर्ना द्वारा भारत सरकार से क्षतिपूर्ति सुरक्षा और पूरक परीक्षण से छूट दिये जाने के अनुरोध के बाद सामने आया है।

सीरम इंस्टीट्यूट के एक सूत्र ने कहा, ‘‘नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।’’

इससे पहले, सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि वैक्सीन निर्माताओं को, खासकर एक महामारी के दौरान, अपने टीकों के लिए मुकदमों से सुरक्षा की जरूरत है।

सीरम इंस्टीट्यूट भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन 'कोविशील्ड' का उत्पादन कर रहा है और देश में उसकी दूसरी वैक्सीन 'कोवोवैक्स' के क्लिनिकल परीक्षण शुरू हो गए हैं। कंपनी को इस साल सितंबर तक इसे बाजार में उतारने की उम्मीद है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टकोई इतना अमानवीय और क्रूर कैसे हो सकता है?

विश्व‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

पूजा पाठPanchang 07 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 07 April 2026: आज नौकरी में तरक्की, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के शुभ योग

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

कारोबार अधिक खबरें

कारोबाररुपये की तेज छलांग! 2013 के बाद सबसे बड़ा उछाल

कारोबारGold Rate Today: 6 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?