लाइव न्यूज़ :

सेंसेक्स ने रचा इतिहास, पहली बार 50,000 के ऊपर बंद

By भाषा | Updated: February 3, 2021 18:04 IST

Open in App

मुंबई, तीन फरवरी बजट प्रस्तावों को लेकर निवेशकों में उत्साह बना हुआ है। इससे शेयर बाजारों में तेजी बुधवार के तीसरे दिन भी जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 458 अंक की बढ़त के साथ पहली बार 50,000 अंक के ऊपर बंद हुआ।

वैश्विक बाजारों से मिले सकरात्मक संकेतों से भी बाजार को बल मिला। बैंक, वित्त और दवा कंपनियों के शेयर आकर्षण में रहे। सटोरियों ने सीमेंट और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की गयी।

तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 458.03 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,255.75 अंक पर बंद हुआ यह नया कीर्तिमान है। कारोबार के दौरान यह 50,526.39 अंक की सर्वकालिक ऊंचाई तक चाला गयाथा।

इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क निफ्टी 142.10 अंक यानी 0.97 प्रतिशत उछलकर 14,789.95 के रिकार्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 14,868.85 के अबतक के उच्चतम स्तर तक गया।

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सर्वाधिक लाभ में इंडरइंड बैंक रहा। इसमें 7.65 प्रतिशत की तेजी आयी। इसके अलावा पावरग्रिड, डा. रेड्डीज, सन फार्मा, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक में भी अच्छी तेजी रही।

दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, आईटीसी, कोटक बैंक, एशियन पेंट्स, नेस्ले और टीसीएस शामिल हैं। इनमें 0.90 प्रतिशत तक की गिरावट आयी।

रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीतिक मामलों के प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजारों पर तेजड़िये हावी रहे और दोनों सूचकांक रिकार्ड बनाते हुए नई ऊंचाई पर बंद हुए।’’

उन्होंने कहा कि बजट में साहसिक उपायों की घोषणा से भरोसा बढ़ा है, इससे निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। अनुकूल वैश्विक संकेत से भी बाजार को समर्थन मिला। इस तेजी के साथ भारतीय बाजार का बाजार पूंजीकरण 2,00,000 अरब रुपये के स्तर से ऊपर निकलने के करीब है।

मोदी ने कहा, ‘‘निवेश गतिविधियों को बढ़ाने लिये पूंजी व्यय में अच्छी-खासी वृद्धि के साथ कई सुधारों की घोषणा की गयी है। कंपनियों के तिमाही परिणाम की जो स्थिति है, वह अगली तिमाही में भी बने रहने की उम्मीद है। पुन: अमेरिका में प्रोत्साहन पैकेज, वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों का उदार मौद्रिक नीति रुख और डॉलर की विनिमय दर में गिरावट को देखते हुए एफपीआई प्रवाह जारी रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा, ‘‘निकट भविष्य में मौद्रिक नीति रुख पर बाजार की नजर होगी। इस बात की काफी संभावना है कि यह अनुकूल रहेगा।’’

भारतीय रिजर्व बैंक पांच फरवरी को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा।

वैश्विक बाजारों में कोविड-19 से राहत के लिये 1900 अरब डॉलर का राहत पैकेज जारी होने की उम्मीद से तेजी रही।

एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्की लाभ में रहे जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स नुकसान में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा।

इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक पैसे की हल्की बढ़त के साथ 72.95 पर बंद हुआ।

इधर, शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 6,181.56 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

विश्वक्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल?, व्हाइट हाउस ने दिया जवाब

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?