लाइव न्यूज़ :

सेबी ने रीट, इनविट में असहमत यूनिटधारकों के लिए बाहर निकलने के नियमों में बदलाव किया

By भाषा | Updated: October 5, 2021 22:15 IST

Open in App

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर बाजार नियामक सेबी ने रीट और इनविट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। ये बदलाव अधिग्रहण और प्रायोजकों में बदलाव समेत विभिन्न परिस्थितियों में यूनिधारकों की असहमति की स्थिति में बाहर निकलने के विकल्प से संबंधित हैं।

रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) निवेश के नये साधन हैं।

असहमति जताने वाले यूनिटधारकों के लिये बाहर निकलने का विकल्प अधिग्रहण, प्रायोजक के स्तर पर बदलाव, प्रायोजक को शामिल करने या प्रायोजक के नियंत्रण में बदलाव आदि स्थिति में उपलब्ध होगा।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने दो अलग-अलग परिपत्रों में कहा कि ऐसे मामलों में बाहर होने के विकल्प का मूल्य अधिक होगा। यह वृद्धि पहले नोटिस की तारीख और दूसरे नोटिस की तारीख के बीच की अवधि के लिये 10 प्रतिशत सालाना की दर से तय होगी।

उल्लेखनीय है कि सेबी ने जुलाई, 2020 में असहमति जताने वाले यूनिटधारकों के लिये बाहर निकलने की व्यवस्था पेश की थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

कारोबार अधिक खबरें

कारोबाररुपये की तेज छलांग! 2013 के बाद सबसे बड़ा उछाल

कारोबारGold Rate Today: 6 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?