सर्वम एआई मई में पेश करेगी स्वदेशी 'स्मार्ट चश्मा', एचएमडी के साथ भी साझेदारी
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 19, 2026 11:32 IST2026-02-19T11:31:25+5:302026-02-19T11:32:30+5:30
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को संबोधित करते हुए सर्वम के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने फीचर फोन में कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी लाने के लिए मोबाइल फोन निर्माता 'एचएमडी' के साथ साझेदारी की घोषणा की।

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नई दिल्लीः भारतीय एआई मॉडल विकसित करने वाली कंपनी 'सर्वम' इस साल मई तक भारत में निर्मित अपना 'स्मार्ट चश्मा' बाजार में उतारने की योजना बना रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को संबोधित करते हुए सर्वम के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने फीचर फोन में कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी लाने के लिए मोबाइल फोन निर्माता 'एचएमडी' के साथ साझेदारी की घोषणा की।
एआई की चुनौतियों के बीच आईटी प्रतिभा को बेहतर बनाने का काम कर रही सरकार : वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार भारतीय आईटी उद्योग के सामने कृत्रिम मेधा (एआई) के कारण उत्पन्न चुनौतियों से अवगत है और प्रतिभाओं का कौशल बढ़ाने (अपस्किल) के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ काम कर रही है।
एआई ‘तीव्र प्रगति’ का युग ला रही : गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई
गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने कृत्रिम मेधा (एआई) को ‘‘तीव्र प्रगति’’ के युग की शुरुआत करने वाली प्रौद्योगिकी करार दिया है। कृत्रिम मेधा (एआई) पर हो रहे भारी खर्च और इसके प्रतिफल को लेकर दुनिया भर में जारी चिंताओं के बीच, गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने इस निवेश का पुरजोर बचाव किया है।
पिचाई ने एआई बुनियादी ढांचे की तुलना रेलवे और राजमार्गों के ऐतिहासिक विस्तार से करते हुए इसे दीर्घकालिक आर्थिक विकास की अनिवार्य नींव बताया। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के इतर आयोजित एक कार्यक्रम में पिचाई ने कहा, "यह मौजूदा दौर एक 'असाधारण' और 'परिवर्तनकारी' क्षण है। हम इस बदलाव का सामना करने के लिए निवेश कर रहे हैं। यह एक तरह की औद्योगिक क्रांति है, लेकिन उससे 10 गुना तेज और 10 गुना बड़ी।"
टीसीएस, टाटा समूह ने एआई अवसंरचना विकसित करने व संयुक्त समाधान पेश करने के लिए ओपनएआई से साझेदारी की
टाटा समूह और उसकी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा इकाई टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने ओपनएआई के साथ बहुआयामी साझेदारी की बृहस्पतिवार को घोषणा की। इसका मकसद कृत्रिम मेधा (एआई) अवसंरचना के निर्माण और बाजार में संयुक्त समाधान उपलब्ध कराने पर रहेगा।
यह साझेदारी टाटा समूह के हजारों कर्मचारियों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए ओपनएआई के उद्यम चैट जीपीटी तक पहुंच भी प्रदान करेगी। इसमें सामाजिक प्रभाव का पहलू भी शामिल है, जिसके तहत भागीदार भारतीय युवाओं को प्रशिक्षित करने और 10 लाख लोगों की आजीविका सुधारने के लिए उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
भारत एआई क्षेत्र में अगुवा बनने की मजबूत स्थिति मेंः ऋषि सुनक
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को कहा कि भारत अपने प्रतिभा भंडार और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के बल पर कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में अगुवा बनने और समाज में इसके व्यापक अनुपालन का उदाहरण पेश करने की स्थिति में है। सुनक ने यह टिप्पणी यहां आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान एक संवाद सत्र में की। इस सत्र का आयोजन कार्नेगी इंडिया ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन एवं अन्य साझेदारों के साथ किया था।