रिलायंस कैपिटल ने अनुषंगियों में हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोलियां मांगीं, कर्ज का बोझ कम करेगी

By भाषा | Updated: November 2, 2020 18:58 IST2020-11-02T18:58:11+5:302020-11-02T18:58:11+5:30

Reliance Capital seeks bids for stake sale in subsidiaries, will reduce debt burden | रिलायंस कैपिटल ने अनुषंगियों में हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोलियां मांगीं, कर्ज का बोझ कम करेगी

रिलायंस कैपिटल ने अनुषंगियों में हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोलियां मांगीं, कर्ज का बोझ कम करेगी

नयी दिल्ली, दो नवंबर कर्ज के बोझ से दबे अनिल अंबानी प्रवर्तित रिलायंस समूह की इकाई रिलायंस कैपिटल लि. (आरसीएल) ने अपनी अनुषंगियों में हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। इन अनुषंगियों में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस और रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस शामिल हैं। कंपनी करीब 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज उतारने के लिए अनुषंगियों में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि प्रमुख संपत्तियों की बिक्री को रुचि पत्र मंगाने (ईओआई) मांगने की प्रक्रिया 31 अक्टूबर, 2020 को शुरू की गई। इसका मकसद आरसीएल को कर्जमुक्त बनाना है।

रिलायंस कैपिटल ने अनुषंगी कंपनियों रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस, रिलायंस सिक्योरिटीज, रिलायंस फाइनेंशियल लि. और रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रशन में समूची या आंशिक हिस्सेदारी की बिक्री के लिए ईओआई आमंत्रित किया है।

मौद्रिकरण की प्रक्रिया कमेटी ऑफ डिबेंचर होल्डर्स तथा डिबेंचर ट्रस्टी विस्ट्रा आईटीसीएल इंडिया लि. के तहत होगी।

सूत्रों ने बताया कि रिलायंस कैपिटल ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. से बाहर निकलने का प्रस्ताव किया है। रिलायंस जनरल इंश्योंरेस की चुकता पूंजी 30 सितंबर, 2020 तक 252 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा कंपनी का इरादा रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में भी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का है। रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस जापान की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी निप्पन के साथ संयुक्त उद्यम है। इसकी चुकता पूंजी 30 सितंबर तक 1,196 करोड़ रुपये थी।

इसके साथ ही रिलायंस कैपिटल की योजना अपनी ब्रोकिंग इकाई रिलायंस सिक्योरिटीज और रिजर्व बैंक के पास पंजीकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी रिलायंस फाइनेंशियल लि. में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की है।

इसके अलावा कंपनी रिलायंस हेल्थ इंश्योरेंस तथा अन्य पीई निवेश नाफा इनोवेशंस प्राइवेट लि. और पेटीएम ई-कॉमर्स प्राइवेट लि. से भी बाहर निकलने की तैयारी कर रही है। आरसीएल ने रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रक्शन लि.में भी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव किया है। इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज में कंपनी की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी इसकी भी बिक्री करने जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लि.और जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज एक स्वतंत्र और पारदर्शी मौद्रिकरण प्रक्रिया का संचालन करेंगे।

Web Title: Reliance Capital seeks bids for stake sale in subsidiaries, will reduce debt burden

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