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मध्य प्रदेश: 1.10 लाख रुपये क्विंटल पोस्तादाना, अफीम किसानों ने कहा- पूरा जीवन निकल गया लेकिन कभी इस भाव नहीं बिका

By भाषा | Updated: August 4, 2019 02:05 IST

प्रदेश में अफीम की पैदावार करने वाले किसानों एवं कारोबारियों का कहना है कि हमारा पूरा जीवन निकल गया, लेकिन पोस्तादाना कभी इस भाव में नहीं बिका। उनका कहना है कि एक सप्ताह पहले तक इन दोनों मंडियों में पोस्तादाना 55,000 रुपये से 60,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा था।

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बंपर आवक के बावजूद मध्य प्रदेश में पोस्तादाना का भाव शनिवार को अचानक आसमान छू गया। जावरा की पोस्तादाना मंडी में पोस्तादाना का भाव शनिवार को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया और यह 1.10 लाख रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। वहीं, देश की सबसे बड़ी पोस्तादाना मंडी नीमच में शनिवार को पोस्तादाना का भाव 97,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा। पोस्तादाना यानी अफीम का बीज। इसे खसखस भी कहते हैं और कई व्यंजनों में खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

प्रदेश में अफीम की पैदावार करने वाले किसानों एवं कारोबारियों का कहना है कि हमारा पूरा जीवन निकल गया, लेकिन पोस्तादाना कभी इस भाव में नहीं बिका। उनका कहना है कि एक सप्ताह पहले तक इन दोनों मंडियों में पोस्तादाना 55,000 रुपये से 60,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा था।

पोस्तादाना के बड़े कारोबारी दीपक अग्रवाल ने बताया, ‘‘तुर्की और चीन से पोस्तादाना का आयात बंद होने के कारण इसके भाव में भारी तेज़ी देखी जा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नीमच में आज पोस्तदाना का भाव 97,000 रुपए प्रति क्विंटल रहा जबकि जावरा में यह एक लाख 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल को पार कर गया।’’

अग्रवाल ने बताया कि देश की सबसे बड़ी पोस्तादाना मंडी नीमच मानी जाती है। नीमच एवं जावरा दोनों मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में आते हैं। मालवा में नीमच के बाद जावरा भी पोस्तादाने की बड़ी मंडी है। उन्होंने कहा कि शनिवार को नीमच मंडी में करीब 1,000 बोरी पोस्तादाना की बंपर आवक हुई।

इसी बीच, नीमच मंडी निरीक्षक दिनेश कुमार जैन ने बताया, ‘‘पोस्तादाना में लगातार उछाल जारी है और आज नीमच मंडी में इसका भाव 97,000 रुपए प्रति क्विंटल पहुँच गया।’’

पोस्तादाना का उत्पादन मध्य प्रदेश और राजस्थान के मालवा और मेवाड़ के जिलों में होता है। इन दोनों राज्यों में करीब 60,000 अफीम किसान हैं। अफीम की खेती के बाद आखरी में बचे सूखे डोडे में से पोस्तादाना निकलता है। इसे भारत के अधिकांश राज्यों में खाने के काम में लिया जाता है।

नीमच मंडी में पोस्तादाना बेचने आये बामनिया गांव के किसान भरत पाटीदार ने बताया, ‘‘मैं जब से अफीम की खेती कर रहा हूं, तब से अब तक बीते 50 साल में पोस्तादाना का यह भाव हमने नहीं देखा।’’ यही बात जावद के अफीम किसान जमनालाल पाटीदार ने कही। उन्होंने कहा कि इससे अफीम किसानों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है।

टॅग्स :मध्य प्रदेशनीमचभोपाल
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