आज असली प्रश्न ये नहीं है भविष्य में AI क्या कर सकती?, वर्तमान में हम Artificial Intelligence के साथ क्या करते हैं?, पीएम मोदी ने कहा, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 19, 2026 11:19 IST2026-02-19T11:12:22+5:302026-02-19T11:19:07+5:30
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है।

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नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक AI इम्पैक्ट समिट में आपका हार्दिक अभिनंदन है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है। यह सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इकोसिस्टम का उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई, ओपनAI के CEO सैम ऑल्टमैन, मेटा के चीफ AI ऑफिसर एलेक्जेंडर वांग, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई समेत ग्लोबल टेक लीडर्स के साथ दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में एक ग्रुप फोटो के लिए पोज दिए।
LIVE: PM Shri @narendramodi participates in the India AI Impact Summit at Bharat Mandapam. https://t.co/wvcJOOcRIF
— BJP (@BJP4India) February 19, 2026
दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक AI Impact Summit में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। ये Summit जिस भारत में हो रही है, वो भारत One Sixth of humanity को represent करता है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े Tech talent pool का केंद्र है।
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, Prime Minister Narendra Modi says, "...Let us pledge to develop AI as a global common good. A crucial need today is to establish global standards. Deepfakes and fabricated content are destabilising the open society...In the digital… pic.twitter.com/e8Q3laGYgv
— ANI (@ANI) February 19, 2026
दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का representation, दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इस summit की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें young generation की जो उपस्थिति हमने देखी है, वो एक नया विश्वास पैदा करती है। इसलिए, आज असली प्रश्न ये नहीं है कि भविष्य में AI क्या कर सकती है। प्रश्न ये है कि वर्तमान में हम Artificial Intelligence के साथ क्या करते हैं।
आज Machine Learning से Learning Machine तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए, हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है। वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे।
AI को Machine Centric से Human Centric कैसे बनाएं, संवेदनशील और उत्तरदायी कैसे बनाएं। यही इस Global AI Impact Summit का मूल उद्देश्य है। भारत AI को किस दृष्टि से देखता है। उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस summit की theme में है - सर्वजन हिताय - सर्वजन सुखाय।
यही हमारा benchmark है। AI के लिए इंसान सिर्फ deta point न बन जाए, इंसान सिर्फ raw material तक सीमित न रह जाए। इसलिए AI को democratized करना होगा। इसे Inclusion और Empowerment का माध्यम बनाना होगा और विशेष रूप से Global South में।