लाइव न्यूज़ :

ओबेरॉय समूह ने ईईएसएल के साथ समझौता किया

By भाषा | Updated: April 14, 2021 14:22 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल ओबेरॉय समूह ने अपनी संवहनीयता पहल को आगे बढ़ाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की ईईएसएल के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एक बयान के मुताबिक, ‘‘अपनी संवहनीयता पहल को बढ़ाते हुए ओबेरॉय समूह ने वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले चार पीएसयू के संयुक्त उद्यम ऊर्जा दक्षता सेवा प्राइवेट लिमिटेड (ईईएसए) के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।’’

ईईएसएल अपने ऊर्जा दक्षता निर्माण कार्यक्रम (बीईईपी) के जरिए ओबेरॉय समूह को ऊर्जा प्रभावी पहलों को लागू करने में मदद करेगा, जिसमें उसकी संपूर्ण ऊर्जा प्रणाली शामिल है।

बयान में बताया गया कि इस पहल से समूह के कुल कार्बन उत्सर्जन में कमी होगी तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

ज़रा हटकेVIDEO: ऋषिकेश में गंगा पर उतरा सी-प्लेन, टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट, देखें वीडियो

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?