अब नागपुर के बच्चों को पढ़ाएगी एआई टीचर ‘आइरिस’

By फहीम ख़ान | Updated: April 30, 2026 18:30 IST2026-04-30T18:28:31+5:302026-04-30T18:30:38+5:30

अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कक्षा में तकनीक का नया दौर शुरू हो गया है. शहर से सटे फेटरी स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में इस सत्र से देश की पहली जनरेटिव एआई रोबो टीचर ‘आइरिस’ बच्चों को पढ़ाती नजर आएगी. यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और उन्नत शिक्षा से जोड़ने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है.

Now AI teacher Iris will teach children in Nagpur | अब नागपुर के बच्चों को पढ़ाएगी एआई टीचर ‘आइरिस’

अब नागपुर के बच्चों को पढ़ाएगी एआई टीचर ‘आइरिस’

Highlightsमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गोद लिए गांव फेटरी में ‘भविष्य की कक्षा’ की शुरुआत

अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कक्षा में तकनीक का नया दौर शुरू हो गया है. शहर से सटे फेटरी स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में इस सत्र से देश की पहली जनरेटिव एआई रोबो टीचर ‘आइरिस’ बच्चों को पढ़ाती नजर आएगी. यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और उन्नत शिक्षा से जोड़ने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है.

‘आइरिस’ को मेकर लैब्स एजुटेक के सहयोग से विकसित किया गया है. इसकी शुरुआत सबसे पहले तिरुवनंतपुरम के केटीसीटी हायर सेकंडरी स्कूल में हुई थी, जहां इसे काफी सराहना मिली. अब यही स्मार्ट शिक्षक नागपुर के फेटरी तक पहुंच रहा है.

यह रोबोट केवल सवालों के जवाब देने वाली मशीन नहीं, बल्कि बच्चों के साथ संवाद करने वाली एक “बुद्धिमान शिक्षक” है. ‘आइरिस’ 20 से अधिक भाषाओं में बातचीत कर सकती है और जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से विद्यार्थियों के हर प्रश्न का तुरंत और सरल उत्तर देती है. चार पहियों पर चलने वाला यह रोबोट कक्षा में घूमते हुए पढ़ाई को सहभागितापूर्ण बनाता है. इसके हाथों की गतिशीलता और स्कूल की यूनिफॉर्म में सजी इसकी बनावट बच्चों को अपनापन महसूस कराती है, जिससे वे बिना झिझक प्रश्न पूछ पाते हैं.

स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह तकनीक प्राइमरी से लेकर सेकंडरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सीखने का अनुभव देगी, यानी हर छात्र की समझ के अनुसार पढ़ाई. हालांकि, ‘आइरिस’ पारंपरिक शिक्षकों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके सहयोगी के रूप में काम करेगा.

उल्लेखनीय है कि फेटरी गांव को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गोद लिया है. ऐसे में इस गांव में एआई रोबो शिक्षक की शुरुआत को शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

कुल मिलाकर, फेटरी का यह स्कूल अब केवल स्कूल नहीं, बल्कि “भविष्य की कक्षा” का एक जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है. उम्मीद जताई जा सकती है कि इस स्कूल की तर्ज पर नागपुर शहर की और भी स्कूल एआई टीचर से पढ़ाई आरंभ कर सकते है.

Web Title: Now AI teacher Iris will teach children in Nagpur

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