नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: उड़ानें कब से शुरू होंगी? किन-किन जगहों से जुड़ेंगी? जेवर विमानन केंद्र के बारे में पूरी लिस्ट देखिए
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 28, 2026 14:01 IST2026-03-28T13:49:31+5:302026-03-28T14:01:43+5:30
Noida International Airport Opens: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च, 2026 को बहुप्रतीक्षित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनआईए) का उद्घाटन किया।

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Noida: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज़-1 का उद्घाटन किया। उत्तर भारत में विमानन और बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जेवर में स्थित यह हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दबाव कम करने और एनसीआर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तैयार है। नवनिर्मित नोएडा हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें अप्रैल से मई 2026 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डा भौतिक रूप से तैयार है, लेकिन वाणिज्यिक सेवाएं तभी शुरू होंगी जब किराया मंजूरी और एयरलाइन शेड्यूलिंग पूरी हो जाएंगी।
#WATCH | Greater Noida: Prime Minister Narendra Modi says, "...Today, we are starting a new chapter of the 'Viksit UP, Viksit Bharat' campaign. Today, the biggest state in the country has become the state with the most international airports. Today, there are two reasons for my… https://t.co/KoUZUVeuV0pic.twitter.com/cxpJFQ7LWM
— ANI (@ANI) March 28, 2026
Noida International Airport Opens: देखिए महत्वपूर्ण जानकारी-
28 मार्चः नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ
पहला चरणः 11,200 करोड़ रुपए
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 1,334 हेक्टेयर में फैला
एयरपोर्ट का टर्मिनल-वन 1.38 लाख वर्ग मीटर में फैला
क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्री
भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक ले जाने की योजना
देश के सबसे बड़े एविएशन हब्स
3,900 मीटर लंबा रनवे
नोएडा हवाई अड्डे जिसे IATA कोड DXN भी दिया गया
2040 तक इस हवाई अड्डे में अधिकतम पाँच रनवे होंगे
बड़े विमानों के संचालन के लिए सक्षम
2040 तक इस हवाई अड्डे में अधिकतम पाँच रनवे होंगे
आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस।
This Noida International Airport will greatly benefit Agra, Mathura, Aligarh, Ghaziabad, Meerut, Itawa, Bulandshahr, Faridabad, and the surrounding region
— PIB India (@PIB_India) March 28, 2026
This airport is going to bring many new opportunities for the West UP's farmers, small and medium-sized businesses and the… pic.twitter.com/RuSQkTbNW4
उड़ानें कब शुरू होंगी?
हवाई अड्डा आधिकारिक तौर पर खुल चुका है, लेकिन वाणिज्यिक परिचालन अगले 45-60 दिनों में शुरू होगा। इस अवधि में एयरलाइंस को स्लॉट, कर्मचारियों की नियुक्ति और जमीनी परिचालन को अंतिम रूप देने का समय मिलेगा। पहली उड़ानें मई 2026 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है। नए हवाई अड्डे से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आगरा के निवासियों का यात्रा समय काफी कम हो जाएगा।
#WATCH | Greater Noida, UP: PM Modi inaugurates Phase 1 of the Noida International Airport in Jewar today. pic.twitter.com/LLig1JPcUy
— ANI (@ANI) March 28, 2026
संभावित उड़ान मार्ग (पहला चरण)-
प्रारंभिक चरण में हवाई अड्डा अधिक मांग वाले घरेलू मार्गों पर ध्यान केंद्रित करेगा। संभावित गंतव्यों में शामिल हैं: मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गोवा।
कौन सी एयरलाइनें संचालित होंगी?
इंडिगो: सबसे अधिक उड़ानों के साथ अग्रणी रहने की उम्मीद है।
अकासा एयर: युवा और नियमित यात्रियों को लक्षित करेगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस: टियर-2 शहरों को जोड़ने की संभावना है।
हवाई अड्डे की खासियत क्या है?
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भविष्य में विस्तार की संभावना के साथ एक आधुनिक, उच्च क्षमता वाले हब के रूप में डिजाइन किया गया है। पूर्ण रूप से चालू होने पर यह प्रतिवर्ष लाखों यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा और दिल्ली के प्रमुख हवाई अड्डे पर भीड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हवाई अड्डों को लाइसेंस मिलने के बाद 45 दिन से दो महीने का समय
हवाई अड्डे को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अपना हवाई अड्डा लाइसेंस मिल चुका है। आमतौर पर यात्री उड़ानें शुरू करने से पहले एयरलाइंस, ग्राउंड हैंडलर और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय पूरा करने में हवाई अड्डों को लाइसेंस मिलने के बाद 45 दिन से दो महीने का समय लगता है। नोएडा हवाई अड्डे जिसे IATA कोड DXN भी दिया गया है।
सालाना लगभग 12 मिलियन यात्रियों को संभालने में सक्षम
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक प्रमुख वैकल्पिक विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर भीड़भाड़ को कम करना है। 1,300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले इस हवाई अड्डे के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल शामिल है, जो सालाना लगभग 12 मिलियन यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
2040 तक इस हवाई अड्डे में अधिकतम पाँच रनवे होंगे
योजना के अनुसार, 2040 तक इस हवाई अड्डे में अधिकतम पाँच रनवे होंगे और इसकी वार्षिक क्षमता 70 मिलियन यात्रियों की होगी, जिससे यह एशिया के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में से एक बन जाएगा। शुरुआती चरण में सीमित घरेलू उड़ानें शुरू होंगी, संभवतः दिन के समय और धीरे-धीरे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का पूर्ण विस्तार होगा। 2026 के अंत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।
आगे क्या उम्मीद करें?
आने वाले महीनों में और अधिक एयरलाइनें, रूट और संभवतः अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जोड़ी जाएंगी। परिचालन स्थिर होने पर, जेवर दिल्ली का एक प्रमुख विकल्प बनकर उभर सकता है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों के लिए।